Ranchi : राजधानी रांची में भूजल का स्तर तेजी से गिर रहा है. शहर के कई हिस्सों में जल स्रोत पूरी तरह सूखता जा रहा है. भूगर्भ जल के अनियंत्रित दोहन ने राजधानी के कई इलाकों को गंभीर जल संकट के मुहाने पर खड़ा कर दिया है. स्थिति ऐसी है कि कई मोहल्लों में बोरवेल अब पूरी तरह जवाब देने लगे हैं. शहर के कई मोहल्लों में 800 से 1000 फीट नीचे भी पानी नहीं मिल रहा है.
इन मोहल्लों में स्थिति हुई सबसे गंभीर
जल संकट का सबसे ज्यादा असर एदलहातु, कांके रोड, हरमू, लालपुर, चुटिया, डोरंडा, अरगोड़ा और हिंदपीढ़ी में देखा जा रहा है. इसके साथ ही कोकर, तुपुदाना, हिनू, सुकुरहुटू जैसे इलाकों में भी बोरवेल अब जवाब देने लगे हैं.
सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड की ओर से भूजल स्तर पर 1996 से 2018 के बीच किए गए अध्ययन की रिपोर्ट के अनुसार, रांची के साथ-साथ पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला जिलों में भी भूजल के भंडार में भारी कमी आई है.
रेन वाटर हार्वेस्टिंग जरूरी
सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड के विश्लेषण के मुताबिक रांची के कई क्षेत्रों में पानी का स्तर खतरे के निशान के पार जा रहा है. रिपोर्ट बताती है कि पिछले दो दशकों में प्राकृतिक जल पुनर्भरण की दर काफी कम हुई है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति शहर के लिए एक गंभीर चेतावनी है. यदि रेन वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो राजधानी के इन इलाकों में रहना मुश्किल हो जाएगा.
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