Search

 
 
 

दल बदल मामला : बाबूलाल की याचिका पर सुनवाई टली, जानिए क्यों नहीं हो पायी सुनवाई

 
Ranchi : भाजपा विधायक दल के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल की याचिका पर गुरुवार को झारखंड हाई कोर्ट में  सुनवाई टल गयी. अब अगली सुनवाई 18 अक्टूबर को होगी. प्रार्थी के अधिवक्ता अभय मिश्रा ने बताया कि समय के अभाव के कारण कोर्ट ने बाबूलाल की याचिका पर सुनवाई टाल दी है. 18 अक्टूबर की दोपहर 2:15 का समय अगली सुनवाई के लिए निर्धारित की गई है. बता दें कि पिछली सुनवाई के दौरान विधानसभा की ओर से पक्ष रख रहे अधिवक्ता ने कहा था कि विधानसभा की ओर से लिखित बहस आने के बाद स्पीकर कोर्ट की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा. जिसके बाद कोर्ट ने विधानसभा की ओर से लिखित बहस कोर्ट के समक्ष जमा करने का निर्देश दिया था. इसे भी पढ़ें - महिला">https://lagatar.in/female-patient-death-case-police-in-action-mode-rinpass-director-jayati-simlais-car-seized/">महिला

मरीज मौत मामला : एक्शन मोड में पुलिस, रिनपास डायरेक्टर जयति शिमलइ की गाड़ी सीज

विधानसभा के न्यायाधिकरण में 30 अगस्त को सुनवाई पूरी हो गई

बता दें कि बाबूलाल की ओर से दाखिल रिट याचिका में कहा गया है कि दल-बदल मामले में झारखंड विधानसभा के स्पीकर कोर्ट में नियमानुसार सुनवाई नहीं हुई है. न्यायाधिकरण ने उनकी गवाही और बहस सुने बिना ही केस को जजमेंट पर रख दिया है. बाबूलाल मरांडी से जुड़े दल-बदल के मामले में विधानसभा के न्यायाधिकरण में 30 अगस्त को सुनवाई पूरी हो गई है. बाबूलाल मरांडी की ओर से पक्ष रखने वाले अधिवक्ताओं का कहना है कि स्पीकर पक्षपात पूर्ण रवैया अपना रहे हैं. न्यायाधिकरण में सुनवाई समाप्त होने के बाद स्पीकर कभी भी अपना फैसला सुना सकते हैं. झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 में बाबूलाल मरांडी ने झाविमो के टिकट पर चुनाव जीता था. बाद में उन्होंने पार्टी का विलय भाजपा में कर दिया. इस मामले में स्पीकर दल-बदल कानून के तहत सुनवाई कर रहे हैं.
इसे भी पढ़ें - सिपाही">https://lagatar.in/more-than-five-crores-recovered-from-514-students-in-the-name-of-soldiers-job-neither-job-nor-justice/">सिपाही

की नौकरी के नाम पर 514 छात्रों से हुई पांच करोड़ से अधिक की वसूली, न नौकरी मिली, ना ही न्याय
[wpse_comments_template]
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही