NewDelhi : पश्चिम एशिया संकट को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज मंगलवार सुबह उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की. लगभग डेढ़ घंटे चली बैठक में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ सहित तीनों सेना प्रमुखों और आला सरकारी अधिकारी शामिल हुए.
खबर है कि बैठक में देश की ऊर्जा सुरक्षा और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले भारतीय तेल टैंकरों की सुरक्षा को लेकर अहम चर्चा की गयी. कर्तव्य भवन-2 में आयोजित अहम बैठक में महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों से ऊर्जा आपूर्ति को बिना रुकावट जारी रखने पर मंथन किया गया.
बताया गया कि भारतीय नौसेना समुद्री कमर्शियल रास्तों की सुरक्षा के लिए अलर्ट पर है.बैठक में सेना प्रमुखों ने रक्षा मंत्री को जानकारी दी कि हमारी नौसेना की स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास के घटनाक्रमों पर चौबीसों घंटे नजर है.
बताया कि हम व्यापारिक जहाजों के साथ निरंतर संपर्क में है. जहाजों को सुरक्षित नेविगेशन के लिए जरूरी सलाह दी जा रही है.सरकार और सैन्य नेतृत्व के बीच समन्वय के साथ अगले 48 घंटों के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है.
बैठक में जानकारी दी गयी कि नौसेना की रैपिड रिस्पांस टीमें स्टैंडबाय पर हैं. स्थिति गंभीर होने पर तत्काल कार्रवाई की जायेगी. बता दें कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा संकट में है, क्योंकि देश का लगभग 80 प्रतिशत तेल आयात होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरता है.
बैठक में मौजूद रक्षा सचिव ने आपातकालीन प्रोटोकॉल और आकस्मिक योजनाओं पर ब्रीफ किया. बताया कि नौसेना के युद्धपोत और समुद्री गश्ती विमानों की रणनीतिक तैनाती की गयी है सीडीएस ने कहा कि भारत के हितों की रक्षा हर कीमत पर की जायेगी.
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