Ranchi: झारखंड के विश्वविद्यालयों में लागू किए जा रहे 'क्लस्टर सिस्टम' का विरोध तेज होता जा रहा है. इसी सिलसिले में रांची विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य रोहित दुबे के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा.

प्रतिनिधिमंडल ने नेता प्रतिपक्ष को बताया कि यह क्लस्टर सिस्टम राज्य के गरीब, ग्रामीण और आदिवासी छात्रों के लिए पढ़ाई के दरवाज़े बंद करने जैसा है. उनका कहना है कि अगर पीजी विभागों को कुछ ही जगहों पर केंद्रित कर दिया गया, तो पहले से आर्थिक तंगी झेल रहे छात्रों के लिए उच्च शिक्षा लेना नामुमकिन हो जाएगा, क्योंकि उन्हें शहर में रहने का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा, जो वे वहन नहीं कर सकते.
इसे भी पढ़ें:
रोहित दुबे ने कहा कि गुमला, लोहरदगा, बुंडू, सिल्ली, खूंटी और मांडर जैसे दूर-दराज़ इलाकों से आने वाले छात्र, खासकर वे जो अपने परिवार में पहली बार कॉलेज पढ़ने आए हैं, इस व्यवस्था से पूरी तरह शिक्षा से वंचित हो जाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि यह नीति नई शिक्षा नीति (NEP) की भावना के ही खिलाफ है, जो हर जगह शिक्षा पहुँचाने और सबको साथ लेकर चलने की बात करती है.
दुबे ने यह भी बताया कि इस मुद्दे को लेकर वे पहले राज्यपाल को भी ज्ञापन दे चुके हैं. उन्होंने नेता प्रतिपक्ष से अपील की कि वे आने वाले विधानसभा सत्र में इस मामले को ज़ोरदार तरीके से उठाएं, ताकि सरकार पर दबाव बने और यह क्लस्टर सिस्टम तुरंत रद्द किया जाए.
इस मौके पर प्रतिनिधिमंडल में रोहित दुबे (सीनेट सदस्य, रांची विश्वविद्यालय), अनिकेत रंजन (पूर्व छात्रसंघ सचिव, एस.एस. मेमोरियल महाविद्यालय) के अलावा राजीव मेहता, राजन मंडल, सुमित राठौर और राहुल रंजन तिवारी मौजूद रहे.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.


Leave a Comment