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एमपीडब्ल्यू कर्मचारियों की मांग, 13 साल से सेवा देने वाले कर्मियों को स्थायी करे राज्य सरकार

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Ranchi  : आईपीएच सभागार में आयोजित एमपीडब्ल्यू कर्मचारियों के राज्यस्तरीय सम्मेलन में कर्मियों ने कहा है कि हम झारखंड के 243 प्रखंडों में काम करते हैं. 13 सालों से अपनी सेवा देने के बावजूद भी आज तक हमें स्थायी नहीं किया गया है. सभा को संबोधित करते हुए झारखंड अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के महासचिव सुशील शाह ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के प्रति सरकार का रवैया उदासीन है. उन्होंने कहा कि एमपीडब्ल्यू की 2150 स्वीकृत पद है, लेकिन 1626 कर्मी चौबीसो घंटे स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपनी सेवा देते हैं.

वेक्टर जनित रोग के उन्मूलन में झारखंड तीसरे पायदान पर

वहीं एमपीडब्ल्यू कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष पवन ने कहा कि मलेरिया, फाइलेरिया उन्मूलन में हम सभी कर्मचारी अपना अहम योगदान दे रहे हैं. जिसका नतीजा है कि राज्य में मलेरिया-फाइलेरिया जैसे गंभीर रोग उन्मूलन के कगार पर है. जिसका परिणाम है कि डब्ल्यूएचओ ने झारखंड को तीसरा स्थान दिया है. उन्होंने कहा कि 2016 में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत चलने वाली सभी राष्ट्रीय कार्यक्रमों एवं राजकीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जोड़ते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जाने वाले 101 रोगों के नियंत्रण के लिए एमपीडब्ल्यू को जिम्मेवारी दी गयी. जिसका कुशलतापूर्वक हम सभी निर्वहन कर रहे हैं. बावजूद इसके हमारे प्रति सरकार का रवैया उदासीन है. इसे भी पढ़ें-बेरमो">https://lagatar.in/bermo-farmers-body-found-hanging-on-a-noose-police-engaged-in-investigation/">बेरमो

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मैं भी चिकनगुनिया का हुआ था शिकार- बन्ना गुप्ता

झारखंड एमपीडब्ल्यू कर्मचारी संघ के राज्य स्तरीय सम्मेलन में शामिल झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बनना गुप्ता ने कहा कि ये हमारे विभाग के स्तंभ हैं. उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि एक बार मैं भी चिकनगुनिया का शिकार हो गया था, लेकिन एमपीडब्ल्यू के कर्मचारियों की सेवा और बेहतर इलाज की व्यवस्था से मैं स्वस्थ हुआ. उन्होंने वेक्टर जनित रोग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चिकनगुनिया, मलेरिया और डायरिया जैसी बीमारियां ज्यादातर गरीब लोगों को होती है.

स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के चेहरे पर मुस्कान लाना चाहता हूं

बन्ना गुप्ता ने कहा कि झारखंड सरकार की स्वास्थ्य विभाग ट्यूबरक्लोसिस (टीवी) के इलाज को लेकर भी आगे बढ़ रही है. मैं स्वास्थ्य विभाग का मंत्री होने के साथ ही आपके विभाग का सहकर्मी भी हूं. उन्होंने कहा कि जब हमारे सहकर्मियों के चेहरे पर मुस्कान आएगी, तभी मरीजों के चेहरे पर भी मुस्कान आएगी. हमारी सरकार स्वास्थ्य विभाग में एक्सटेंशन पर विश्वास नहीं करती है. उन्होंने कहा कि मैं टेंपो चालक का नेता रहा हूं और मुझे टेंपो चलाना भी आता है. तीन चक्के वाले टेंपो को बैलेंस कर चलाना पड़ता है. ऐसे ही स्वस्थ विभाग को भी बैलेंस करते हुए आगे बढ़ाने का काम कर रहा हूं. इसे भी पढ़ें- वकील">https://lagatar.in/eds-interrogation-continues-against-lawyer-rajiv-kumar-summons-to-businessman-amit-agarwal/">वकील

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