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42 हजार सहिया बहनों की मांग, मासिक प्रोत्साहन के बदले मिले तय मानदेय

 
  • स्वास्थ्य मंत्री ने भी की सहिया बहनों से मुलाकात
  • बोले- मानदेय बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री से करूंगा आग्रह
Ranchi: सरकारी विभागों में काम कर रहे कई कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों के वेतन बढ़ाने को लेकर पिछले कई माह से हेमंत सरकार घोषणा कर रही है. इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग में अहम भूमिका निभा रहीं सहिया दीदी (आशा कार्यकर्ता) भी अब मानदेय बढ़ाने को लेकर सड़क पर उतर गईं हैं. जमशेदपुर में रविवार को सैंकड़ों सहियाओं ने सड़क पर आंदोलन किया. सहिया दीदियों की मांगों को लेकर विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो ने भी स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को पत्र लिखा है. पत्र में स्पीकर ने राज्य के 42,000 सहिया (आशा कार्यकर्ताओं) को मासिक प्रोत्साहन राशि देने के बदले फिक्स मानदेय लागू करने की बात की है. इसे पढ़ें-मझगांव">https://lagatar.in/mazgaon-nine-people-of-two-families-returned-home-left-christianity-and-adopted-sarna-religion/">मझगांव

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मानदेय बढ़ाने को लेकर व्यक्तिगत तौर पर पक्षधर हूं – बन्ना गुप्ता

इससे पहले अपनी मांगों को लेकर रविवार को जमशेदपुर में आंदोलनरत सहिया दीदियों (आशा कार्यकर्ताओं) से स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने भी मुलाकात की. बन्ना गुप्ता ने बीच सड़क पर बैठकर सहिया दीदियों की समस्याओं को सुना. उन्होंने कहा, सहिया बाहनों का मानदेय वाकई कम है. इनके मानदेय बढ़ाने को लेकर वे व्यक्तिगत तौर पर पक्षधर हैं. इस बाबत उन्होंने पहले भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसूख मांडविया को पत्र लिखा था. एक बार फिर से वे केंद्रीय मंत्री और सूबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सहिया बहनों के मानदेय बढ़ाने को लेकर बात करेंगे. [caption id="attachment_429722" align="aligncenter" width="1280"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/09/2-60.jpg"

alt="" width="1280" height="862" /> सड़क पर बैठकर सहिया दीदियों की बात सुनते स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता[/caption]

स्वास्थ्य विभाग में प्रमुख जिम्मेवारी निभा रही हैं 42,000 सहिया बहन

बता दें कि स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं को धरातल पर उतारने में सहिया बहनों ने खास रोल अदा किया है.जच्चा-बच्चा मृत्यु दर कम करने में 42,000 सहिया बहन प्रमुख जिम्मेदारी निभा रही हैं. जिम्मेदारी निभाने के क्रम में सहिया महिला की गर्भावस्था से लेकर प्रसव उपरांत उसके स्वास्थ के प्रति गंभीर रहती हैं. गर्भावस्था में महिला को घर से अस्पताल ले जाकर सहिया बहन प्रसव पूर्व जांच कराती हैं. वहीं, डिलीवरी के समय महिला को सरकारी अस्पताल में ले जाकर बेहतर सेवा का लाभ दिलाने का काम करती है. इसके अलावा महिला बंध्याकरण, पुरुष नसबंदी कराने में इनका योगदान होता है. इन सब कार्यों के लिए ही सहिया बहनों को प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है. इसे भी पढ़ें-रांची:">https://lagatar.in/ranchi-crorepati-was-taking-benefit-of-antyodaya-ration-card-scheme-for-7-years-action/">रांची:

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पिछले साल जामताड़ा जिले में भी सहिया दीदियों ने किया था आंदोलन

स्वास्थ्य मंत्री को लेकर पत्र में विधानसभा अध्यक्ष ने जामताड़ा जिले के सहिया बहनों का जिक्र किया है. पिछले साल अक्टूबर माह को अपने मानदेय और प्रोत्साहन राशि बढ़ाने को लेकर सहिया संघर्ष मोर्चा ने जोरदार आंदोलन किया था. आंदोलन करने का कारण लंबित प्रोत्साहन और मानदेय राशि भुगतान करने, प्रखंड स्तरीय अस्पताल व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहे डिलीवरी कमरे में ग्रेड ए नर्स की प्रतिनियुक्ति करने, डिलीवरी कराने को गर्भवती महिला के साथ पहुंची सहिया के लिए सभी श्रेणी के अस्पतालों में सहिया रेस्ट हाउस स्थापित करने की मांग करना शामिल था. [wpse_comments_template]
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