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पाकिस्तान में 90 लाख हिंदुओं की मांग, मिले गैर-मुस्लिम का दर्जा, संसद में बिल पेश

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Islamabad : पाकिस्तान के विपक्षी दल पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के  हिंदू सांसद कीसो मल कीआल दास ने संसद के निचले सदन में विधेयक पेश कर संविधान में धार्मिक अल्संख्यकों का उल्लेख गैर-मुस्लिम के रूप में करने का अनुरोध किया है. सांसद के अनुसार इसका मकसद देश में भेदभाव खत्म कर प्रत्येक नागरिक के लिए समानता और न्याय सुनिश्चित किया जाना है. बता दें कि पाकिस्तान के संविधान में इन्हें अल्पसंख्यक करार दिया गया है.

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नेशनल असेंबली में गैर-सरकारी विधेयक पेश किया गया

 पाकिस्तान में लगभग 90 लाख हिंदू रहते हैं. खबर है कि सांसद कीसो मल कीआल दास ने नेशनल असेंबली प्रक्रिया एवं कामकाज संचालन नियम, 2007 के नियम 118 के तहत नेशनल असेंबली में गैर-सरकारी विधेयक पेश किया है. संविधान संशोधन अधिनियम, 2021 नामक इस विधेयक का मकसद पाकिस्तानी गैर-मुस्लिमों के खिलाफ भेदभाव खत्म करना है, जिन्हें संविधान में अल्पसंख्यक कहा गया है. उन्होंने कहा कि इस विधेयक को स्वीकार कर तत्काल प्रभाव से पेश किया जाना चाहिए.

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मामला संबंधित स्थायी समिति को भेज दिया गया

जान लें कि सरकार ने विधेयक का विरोध नहीं किया है और मामला संबंधित स्थायी समिति को भेज दिया गया है.  सदन की द्विदलीय समिति द्वारा इसकी समीक्षा किये जाने के बाद, इसे मतदान के लिए प्रस्तुत किया जायेगा. दास ने विधेयक में कहा कि देश की बड़ी आबादी को अल्पसंख्यक घोषित करके उनसे भेदभाव करना संविधान, 1973 की भावना के विरुद्ध है. इस आबादी ने जीवन के हर क्षेत्र और देश के विकास तथा उज्ज्वल भविष्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.

संविधान में चार बार अल्पसंख्यक और 15 बार `गैर-मुस्लिम शब्द

हिंदू सांसद ने कहा कि संविधान में चार बार अल्संख्यक और 15 बार गैर-मुस्लिम शब्द का उपयोग किया गया है, जो संविधान निर्माताओं के आशय को दर्शाता है. इसलिए अल्पसंख्यक की जगह गैर-मुस्लिम शब्द का उपयोग कर विसंगति को दूर किया जाना चाहिए.  कहा कि संविधान संशोधन पाकिस्तान में प्रत्येक नागरिक के लिए समानता और न्याय स्थापित करने का एक रचनात्मक प्रयास होगा.

पाकिस्तान में हिंदुओं की संख्या कितनी?

पाकिस्तान की कुल 22 करोड़ की आबादी में गैर-मुस्लिमों की आबादी 3.5 प्रतिशत के लगभग है. पाकिस्तान में हिंदू सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय है. आधिकारिक अनुमान के अनुसार, पाकिस्तान में 75 लाख हिंदू रहते हैं. हालांकि, हिंदू समुदाय के अनुसार उनकी आबादी 90 लाख से अधिक है. पाकिस्तान में हिंदू आबादी का एक बड़ा हिस्सा सिंध प्रांत में रहताहै. पाकिस्तान में अन्य अल्पसंख्यकों में हिंदुओं के अलावा ईसाई, अहमदी, बहाई, पारसी और बौद्ध शामिल हैं.

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