Ranchi : झारखंड विधानसभा बजट सत्र में विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने राज्य में कृषि एवं वन उत्पादों के लिए मानक गुणवत्ता प्रयोगशाला नहीं होने का मुद्दा सदन में उठाया. उन्होंने कहा कि राज्य में अदरक, महुआ, कटहल, टमाटर समेत कई प्रकार के फल-सब्जियों और कृषि उत्पादों का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है, लेकिन गुणवत्ता परीक्षण की सुविधा नहीं होने के कारण किसानों को वैश्विक बाजार का लाभ नहीं मिल पाता.
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विधायक ने सरकार से मांग की कि राज्य में कृषि और वन उत्पादों की मैपिंग कर एक स्पष्ट योजना तैयार की जाए और उनके वैश्विक बाजार में खपत का आकलन किया जाए. उन्होंने सुझाव दिया कि रांची और देवघर हवाई अड्डे पर मानक गुणवत्ता प्रयोगशाला स्थापित की जाए, ताकि निर्यात से पहले उत्पादों की जांच हो सके और किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच मिल सके.
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इस पर जवाब देते हुए कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि भविष्य में मानक गुणवत्ता परीक्षण की आवश्यकता को देखते हुए विभाग ने इस संबंध में केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है. आवश्यकता पड़ने पर राज्य सरकार इस दिशा में आगे पहल कर किसानों को सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास करेगी.
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