Ranchi: एनएसयूआई झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष विनय उरांव के नेतृत्व में 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) के सचिव से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा. प्रतिनिधिमंडल ने अल्पसंख्यकों द्वारा स्थापित व संचालित और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्था आयोग (NCMEI) से अल्पसंख्यक दर्जा प्राप्त शिक्षण संस्थानों में जैक द्वारा गठित शासी निकाय (गवर्निंग बॉडी) को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की.
प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि झारखंड एकेडमिक काउंसिल (संशोधन) अधिनियम, 2006 की धारा 7.6 के तहत अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में शासी निकाय का गठन संविधान के अनुच्छेद-30, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्था आयोग अधिनियम, 2004 और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के विपरीत है. उन्होंने कहा कि किसी संस्था के अल्पसंख्यक स्वरूप का निर्धारण करने और आयोग द्वारा जारी अल्पसंख्यक दर्जा प्रमाणपत्र को निरस्त या स्थगित करने का अधिकार जैक के पास नहीं है.
प्रदेश अध्यक्ष विनय उरांव ने कहा कि राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्था आयोग अधिनियम, 2004 अथवा जैक की नियमावली में अल्पसंख्यक दर्जा प्रमाणपत्र को अनिवार्य नहीं बनाया गया है. ऐसे में अल्पसंख्यकों द्वारा स्थापित और संचालित संस्थानों के संवैधानिक प्रबंधन और प्रशासन के अधिकारों में हस्तक्षेप उचित नहीं है.
एनएसयूआई ने मांग की कि अल्पसंख्यक दर्जा प्राप्त और अल्पसंख्यकों द्वारा स्थापित एवं संचालित सभी शिक्षण संस्थानों में गठित शासी निकायों को तत्काल समाप्त किया जाए और भविष्य में संविधान, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्था आयोग अधिनियम और न्यायालयों के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
इस पर जैक सचिव ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्था आयोग से अल्पसंख्यक दर्जा प्राप्त सभी शिक्षण संस्थानों में जैक द्वारा गठित शासी निकायों को जल्द ही निरस्त कर दिया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसे संस्थानों में जैक शासी निकाय का गठन नहीं करेगा और सभी निर्णय संविधान एवं विधिक प्रावधानों के अनुरूप लिए जाएंगे.
बैठक के दौरान शिक्षण संस्थानों में सीट वृद्धि के मुद्दे पर भी चर्चा हुई. एनएसयूआई प्रतिनिधिमंडल ने विद्यार्थियों के हित में शीघ्र निर्णय लेने की मांग की. इस पर जैक सचिव ने बताया कि मामला उच्च अधिकारियों के स्तर पर विचाराधीन है और निर्देश प्राप्त होने के बाद आवश्यक निर्णय लिया जाएगा.
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष विनय उरांव, महासचिव पवन नाग, सचिव शम्मी हैदर, रांची विश्वविद्यालय अध्यक्ष कैफ अली, महानगर अध्यक्ष सतीश केशरी, डोरंडा महाविद्यालय अध्यक्ष इलयास अंसारी, निश्चल सोय, चांद अंसारी, अगस्तीन दीप एक्का, मेराज खान और रितिक कुमार साहु शामिल थे.
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