Ranchi: मॉनसून के दौरान डेंगू और चिकनगुनिया के बढ़ते खतरे को देखते हुए झारखंड सरकार ने पूरे राज्य में रोकथाम अभियान शुरू करने का फैसला किया है.
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर साफ पानी में पनपता है. यह कूलर, पानी की टंकी, टूटे बर्तन, प्लास्टिक की बोतल, पुराने टायर और अन्य पानी जमा होने वाली जगहों पर तेजी से बढ़ता है. इसे रोकने के लिए विशेष टीमें घर-घर जाकर मच्छरों के लार्वा की जांच करेंगी और उन्हें नष्ट करेंगी.
शहरी इलाकों में 30 नवंबर तक 100 दिनों का विशेष अभियान चलेगा. इसके लिए कम्युनिटी वालंटियर्स और शहरी सहिया की मदद ली जाएगी. हर टीम में 3 से 4 सदस्य होंगे, जो रोज 20 से 25 घरों का सर्वे करेंगे. जल जमाव वाली जगहों और नालियों में लार्वा खत्म करने वाली दवाओं का छिड़काव भी किया जाएगा.
अगर किसी इलाके में डेंगू का मरीज मिलता है तो उसके आसपास 1 किलोमीटर तक के सभी घरों की जांच होगी. जरूरत पड़ने पर नगर निकाय की मदद से फॉगिंग कराई जाएगी. यदि एक ही इलाके में कई मरीज मिलते हैं तो घरों के अंदर भी दवा का छिड़काव किया जाएगा.
स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू और चिकनगुनिया की मुफ्त जांच के लिए राज्य के 14 सेंटिनल सर्विलांस अस्पतालों को चिन्हित किया है. इनमें रिम्स रांची, एम्स देवघर, एमजीएम अस्पताल जमशेदपुर और विभिन्न जिलों के सदर अस्पताल शामिल हैं.
विभाग ने सभी जिलों के सदर अस्पतालों में डेंगू वार्ड तैयार रखने का निर्देश दिया है. हर बेड पर मच्छरदानी उपलब्ध कराई जाएगी. साथ ही सीएचसी स्तर तक मरीजों की सामान्य रक्त जांच की सुविधा भी सुनिश्चित करने को कहा गया है.
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि घर और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें. कूलर, टंकी और अन्य पानी रखने वाले बर्तनों की नियमित सफाई करें. इससे डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से बचाव किया जा सकता है.
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