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कोरोना मरीजों की जान से खिलवाड़, रिम्स के ICU में डेंटिस्ट कर रहे संक्रमितों का इलाज

  • रिम्स डेंटल विभाग के 15 डॉक्टरों को बिना ट्रेनिंग मरीजों के इलाज के लिए लगाया गया

Ranchi : रिम्स प्रबंधन कोरोना के मरीजों की जान से खेल रहा है. ट्रॉमा सेंटर में कोरोना के गंभीर मरीज भर्ती हैं. अधिकतर मरीज आईसीयू सपोर्ट पर हैं. ऐसे मरीजों की देखभाल के लिए रिम्स प्रबंधन ने दांत के डॉक्टरों को आईसीयू में ड्यूटी पर लगाया है. वह भी बिना किसी ट्रेनिंग के. ऐसे में अगर कोई मरीज गंभीर हो जाता है तो कोई डेंटिस्ट कैसे उस परिस्थिति से निपट पाएगा. डेंटल विभाग के 15 ट्यूटर की ड्यूटी रिम्स के ट्रॉमा सेंटर में लगाई गई है. डेंटल के ट्यूटरों का कहना है कि हमें किसी तरह की कोई ट्रेनिंग नहीं दी गई है. हम चाह कर भी मरीजों को बचा नहीं पाते हैं. हमारे सामने मरीज दम तोड़ देते हैं और हम बस डॉक्टर होने की एक्टिंग करते रह जाते हैं. जिन डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है, उनमें से दो खुद संक्रमित हैं. उन्हें बार-बार ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए कहा जा रहा है.

पांच महीनों से नहीं दी गयी है सैलरी

रिम्स के डेंटल विभाग में कार्यरत 15 ट्यूटरों को 5 महीने से सैलरी नहीं दी गई है. उन्होंने बताया कि जब रिम्स प्रबंधन सैलरी देने के लिए तैयार हुआ तो इसके लिए एक शर्त रख दी गई है. बता दें कि रिम्स में ट्यूटरों का अनुबंध दिसंबर में समाप्त हो गया था. मामला कोर्ट में गया तो कोर्ट ने जैसे चल रहा था, वैसे चलते रहने का आदेश दिया. इसके बाद रिम्स प्रबंधन इनसे काम लेता रहा, पर सैलरी नहीं दी. और जब सैलरी देने को तैयार हुआ तो उन्होंने कहा कि अगर वे भविष्य में केस हार जाते हैं तो सारा पैसा उन्हें वापस करना पड़ेगा. डेंटल में कार्यरत ट्यूटरों का कहना है कि स्थिति ऐसी हो गई है कि वह आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत छोड़ भी नहीं सकते और काम करने के बदले उन्हें पैसे मिलेंगे या नहीं यह भी नहीं पता.

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