Deoghar: देवघर जिले के कृषि क्षेत्र के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक रहा. जिले में उत्पादित आम्रपाली आम की एक टन की पहली खेप अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए रवाना की गई. समाहरणालय परिसर से उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने विशेष रूप से पैक किए गए आमों की खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. यह खेप लखनऊ के रास्ते दुबई भेजी जाएगी.
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उपायुक्त ने कहा कि यह पहली बार है, जब जिले की महिला किसानों द्वारा उत्पादित आम सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचेंगे. उन्होंने बताया कि वैश्विक बाजार की मांग और गुणवत्ता मानकों को ध्यान में रखते हुए आमों की पैकेजिंग की गई है. इस पहल से महिला किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी.

उन्होंने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने में मनरेगा की टीम और मनोन्नति मोहनपुर आजीविका महिला किसान प्रोड्यूसर सोसायटी (एफपीओ) की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. एफपीओ से जुड़ी महिला किसानों के सामूहिक प्रयास और प्रशासन के सहयोग से जिले का आम अब वैश्विक बाजार तक पहुंच सका है.
उपायुक्त ने झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) के अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस अभियान का दायरा और बढ़ाया जाए, ताकि जिले की अधिक से अधिक महिला किसान इससे जुड़ सकें.
उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और महिलाओं की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी.
इस उपलब्धि से उत्साहित महिला किसानों और मनोन्नति मोहनपुर आजीविका महिला किसान प्रोड्यूसर सोसायटी की सदस्यों ने सरकार और जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया. उन्होंने कहा कि इस पहल से स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने के साथ ग्रामीण महिलाओं के लिए नए अवसर भी खुलेंगे.
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, डीआरडीए निदेशक सागरी बराल, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के क्षेत्रीय प्रमुख सीताकांत मंडल, जेएसएलपीएस के जिला परियोजना प्रबंधक सुशील दास, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे.
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