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देवघरः फाइलों में धूल फांक रहे गरीबों के पक्का मकान के सपने, चैन की नींद सो रहे अधिकारी

665 फ्लैट 6 साल से बनकर तैयार, लाभुकों को नहीं सौंपी गई चाबी

 
Deoghar : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों को पक्का घर देने का संकल्प् लिया था. इसे पूरा करने की दिशा में सरकार ने काम भी शुरू कर दिया. झारखंड के कई जिलों में गरीबों को पक्का  मकान यानी फ्लैट बनाकर सौंप भी दिया गया है. लेकिन देवघर जिले के रामपुर के गरीब अब भी फ्लैट की बाट जोह रहे हैं. यहां फैल्ट निर्माण के लिए भूमि पूजन वर्ष 2018 में हुआ था और 18 महीने में घर तैयार कर लाभुकों को देने का वादा किया गया था.

 

मिली जानकारी के अनुसार, 665 फ्लैट 6 साल से बनकर तैयार हैं लेकिन अब तक लाभुकों को चाबी नहीं सौंपी गई. बताया गया गया कि 36 माह में F G ब्लॉक का करीब 80 प्रतिशत काम पूरा हुआ हैं. इसके बाद से आगे का काम ठप पड़ा है. 


6 साल से धूल फांक रहे फ्लैट


देवघर जिले के रामपुर में इस योजना के तहत करीब 42 करोड़ रुपये की लागत से 665 फ्लैट बनाए गए. फ्लैट्स बन कर तैयार तो हो गए, लेकिन अब तक लाभुकों का गृह प्रवेश नहीं कराया गया. पिछले करीब 6 साल से धूल फांक रहे हैं. फ्लैट्स में टॉयलेट, खिड़की उखड़े पड़े हैं. टॉयलेट ग्रिल भी उखड़ी हुई है. ये फ्लैट्स नशेड़ियों का अड्टा बन गए हैं. मीडिया की टीम इन फ्लैट्स का जायजा लेने पहुंची, तो हकीकत सामने आई. रख-रखाव के अभाव में परिसर में बड़ी-बड़ी घास उग आई हैं. लोगों का कहना है कि ये फ्लैट प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बीपीएल परिवारों के लिए बनाए गए थे. 


नगर निगम ने ठेकेदार के सिर फोड़ा ठिकरा


जब इस बारे में नगर निगम के अधिकारी से बात की गई, तो उन्होंने इसका ठिकरा ठेकेदार के सिर फोड़ दिया. कहा कि ठेकेदार की तरफ से अभी तक यह फ्लैट विभाग को हैंडओवर नहीं किए हैं. जिसकी वजह से विभाग ने फ्लैट की चाबी गरीबों को नहीं दी है. उन्होंने कहा कि अभी इन फ्लैटों में कुछ काम बचे हैं. जिसके कारण ठेकेदार ने इन्हें विभाग को नहीं सौंपा है.


665 लोगों को दिया गया था आवास आवंटन पत्र 


तैयार होने के 6 साल बाद भी इन फ्लैट्स की चाबी गरीबों को नहीं दी गई. सरकारी धन की हो रही बेकद्री की जिम्मेदारी लेने को अब कोई तैयार नहीं है. सभी लापरवाही से बचने में लगे हैं. हालांकि विभाग का कहना है कि जल्द ही सभी फ्लैटों का बाकी काम पूरा कराकर लाभार्थियों को सौंप दिया जाएगा. सवाल यह उठता है कि 6 साल बीत जाने के बाद भी गरीबों को इन फ्लैटों का लाभ क्यों नहीं मिल पाया  और इसके लिए कौन दोषी हैं. लाभुकों ने सोमवार नगर आयुक्त को आवेदन देकरक गृह प्रवेश कराने का आग्रह किया. नगर आयुक्त ने उन्हें मंगलवार को फिर बुलाया है.


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