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देवघर : ऐसा एम्स बनाएं कि पीएम मोदी इलाज कराने यहां आएं : राज्यपाल

 

देवघर पहुंचे राज्यपाल राधाकृष्णन ने एम्स के वार्षिकोत्सव में लिया हिस्सा

Deoghar : चिकित्सक हमारे समाज में सबसे सम्नानित व्यक्ति होते है. इन्हें भगवान के बाद दूसरा दर्जा मिला है. हमारे देश के चिकित्सक जहां भी जाते हैं, वहा ख्याति प्राप्त करते हैं. चिकित्सकों से मेरा विनम्र आग्रह है कि वे इमरजेंसी के वक्त ऐसी औपचारिकता न निभाएं कि उनकी ड्यूटी का समय हो गया है या उनकी छुट्टी है. उक्त बातें राज्यपाल सीपी राधाकृष्णनन ने देवघर ऐम्स के चौथे स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कही. सभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने उदाहरण देकर कहा कि देवघर एम्स के छात्र इसे ऐसी संस्था बनाएं कि एक दिन प्रधानमंत्री मोदी कहें कि वे दिल्ली नहीं बल्कि देवघर एम्स में जाकर अपना इलाज कराएंगे.  उन्होंने कहा कि आज समय बदल गया है. पूरी दूनिया भारत की ओर देख रही है. हम न केवल आर्थिक रुप से मजबूत हो रहे हैं बल्कि हम मेडिकल साईस में भी तरक्करी कर रहे हैं. हमारे प्रधानमंत्री ने कोविड के दौरान जरुरतमंद देशों में वैक्सीन भेज कर दरियादिली दिखाई, वो अपने आप बड़ी बात थी.

देवघर में नहीं, पिछड़े संताल परगना में बना है एम्स

[caption id="attachment_760659" align="aligncenter" width="272"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/09/AIMSSSSS-1-1-272x181.jpg"

alt="" width="272" height="181" /> एम्स का निरीक्षण करते राज्यपाल[/caption] संताल परगना के पिछड़ेपन का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि देवघऱ में एम्स देवघर में नहीं है, ना ही वो राजधानी राची में स्थित है, बल्कि एम्स राज्य का सबसे पिछड़े इलाका संथालपरगना में स्थित है, जहां आदिवासी समुदाय को बेहतर इलाज अब तक नहीं मिल सकी है. राज्यपाल ने संथाल परगना जैसे पिछड़े इलाके में एम्स स्थापित करने का श्रेय पीएम मोदी को देते हुए कहा कि बाकी प्रधानमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री में यही अंतर है. उन्होंने कहा कि मैं अपने राजनीतिक जीवन में दो प्रधानमत्रियों के देखा है लेकिन प्रधानमंत्री मोदी की सफलता का मूलमंत्र यह है कि सोच को अमल में लाना. उन्होंने कहा कि एक समय देश में मोबाईल फोन काफी महंगा था. एक मिनट बात करने के लिये 9 रुपये लगते थे। तब एक पत्रकार मित्र ने उनसे पूछा कि आप कैसा भारत की कल्पना करते हैं, तो उन्होंने कहा था कि आज अमेरिकन दूतावास के बाहर भारतीय की लबी लाईन लगी होती है. वीजा के लिये लोग रातभर सड़क के किनारे सोए मिलते हैं लेकिन जिस दिन अमेरिकन भारत आने के लिये लाईन में खङे रहेंगे, वैसा दिन देखना चाहता हूं.

धनबाद में उच्चकोटि के स्वास्थ्य केन्द्र हैं : पी एन सिंह

मौके पर मौजूद धनबाद के सांसद पीएन सिंह ने कहा कि कई सांसदों ने पत्र लिखकर तत्कालिन स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मांग की थी कि एम्स देवघऱ में स्थापित न हो लेकिन राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास इस मुद्दे पर अड़ गये थे और कहा था कि एम्स देवघर में ही स्थापित होगा. पीएन सिंह ने कहा कि आज भी लोग उनसे कहते हैं कि एम्स देवघर के बजाए धनबाद में स्थापित होना था लेकिन मैं कहता हूं कि राची, जमेशदपुर और धनबाद में उच्चकोटि के स्वास्थ्य केन्द्र हैं लेकिन संथाल परगना इससे अछूता रहा है. धनबाद सासंद ने कहा कि मेरा मानना है कि जो पेरशानी संथाल के लोगों ने सही है आज उन्हे उसका फल मिल गया है.

राज्यपाल का हुआ भव्य स्वागत

एम्स के स्थापना दिवस समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल सीपी राधाकृष्ण के देवघर पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया.  राज्यपाल पहुंचने पर आयुक्त लालचंद डाडेल, डीआईजी सुदर्शन प्रसाद मंडल, डीसी विशाल सागर, एसपी अजित पीटर डुंगडुग, आदि अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया. इसके बाद एम्स में उन्हें गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इस दौरान राज्यपाल ने एम्स में चल रहे कार्यों के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं व मरीजों को दी जा रही व्यवस्था का निरीक्षण किया. मौके पर राज्यपाल ने एम्स के नए हास्टल ब्लॉक का उद्घाटन भी किया. इस मौके पर धनबाद के सांसद पी एन सिंह भी मौजूद थे. यह">https://lagatar.in/deoghar-aiims-directors-effigy-burnt-a-few-hours-before-the-program/">यह

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