Deoghar News: श्रावणी मेले के समाप्त होने के बाद अब देवघर में भादो मेले की शुरुआत हो चुकी है. भादो मेले में भी प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु देवघर पहुंच रहे हैं. दर्शन और जलाभिषेक के लिए यह महीना दुर्लभ माना जाता है. लेकिन भादों में स्पष्ट पूजा शुरू होने से श्रद्धालुओं में उत्साह नजर आ रहा है इसलिए भी भीड़ ज्यादा देखी जा रही है.
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार देवघर का भादो मेला प्राचीन मेला माना जाता है. सावन को भगवान शिव का यह प्रिय महीना माना जाता है. लेकिन भादों का भी अपना विशेष धार्मिक महत्व होता है
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मंदिर के पुजारी बताते हैं कि भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद सावन और भादो दोनों महीने में समान रूप से मिलता है. भादो महीने की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि श्रद्धालुओं को स्पर्श पूजा का लाभ मिलता है. वहीं इस दौरान श्रद्धालुओं के पास पूजा अर्चना के लिए पर्याप्त समय भी उपलब्ध रहता है.
वही जानकार बताते हैं कि सावन महीने में सोमवार का विशेष महत्व होता है सनातन परंपरा में सोमवार को भगवान शिव का प्रिय दिन माना जाता है यही वजह है कि सावन के सोमवार को सुल्तानगंज से देवघर तक कांवरियों की भीड़ देखने को मिलती है. इसके विपरीत भादो महीने में किसी एक दिन यह सोमवार को लेकर विशेष दबाव नहीं रहता, भादो महीने का हर दिन भोलेनाथ की पूजा करने के लिए शुभ और फलदाई माना जाता है.
भादो में डाक बम पैदल बम दंडवत यात्रा जैसी समयबद्ध धार्मिक यात्राओं का दबाव भी अपेक्षाकृत कम रहता है. यही वजह की भीड़ अधिक होने के बावजूद इसका दबाव श्रावणी मेले की तरह महसूस नहीं होता है.
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