Deoghar : सिविल सर्जन डॉ. रमेश कुमार के निर्देशानुसार लू एवं गर्म हवाओं (हीट वेव) से बचाव के लिए सदर अस्पताल, देवघर के सभागार में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया.
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. संचयन द्वारा दीप प्रज्वलन कर विधिवत रूप से किया गया. आगे कार्यशाला के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मियों को लू से बचाव, उसके लक्षणों की पहचान और समय पर उपचार के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई.
विशेषज्ञों ने बताया कि गर्मी के मौसम में विशेष सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि लू का प्रभाव स्वास्थ्य पर गंभीर पड़ सकता है. कार्यशाला में बताया गया कि अत्यधिक धूप में बाहर निकलने से बचें, सिर को ढककर रखें, हल्के रंग के ढीले सूती वस्त्र पहनें और अधिक से अधिक पानी एवं तरल पदार्थों का सेवन करें.
इसके अलावा कार्यशाला में लू के लक्षण जैसे तेज बुखार, चक्कर आना, सिरदर्द, उल्टी, कमजोरी एवं बेहोशी के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई. स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत छायादार स्थान पर आराम करें, शरीर को ठंडा रखें और आवश्यकतानुसार नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय सहायता लें.
कार्यक्रम में उपस्थित जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ. के. के. सिंह, डीएलओ डॉ. मनोज गुप्ता एवं अन्य अधिकारियों ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि लू से बचाव के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा उपाय है. उन्होंने सभी स्वास्थ्यकर्मियों एवं शहरी सहियाओं से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर आम जनता को जागरूक करें और विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों एवं बीमार व्यक्तियों का ध्यान रखें.
इस अवसर पर डीपीसी प्रवीण सिंह, राजेश, सुधांशु पाण्डेय, शंकर दयाल, कासिम अंसारी सहित बड़ी संख्या में शहरी सहिया एवं स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे. सभी ने मिलकर लू से बचाव के लिए जन-जागरूकता अभियान को प्रभावी रूप से संचालित करने का संकल्प लिया. कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया, जिसमें सभी प्रतिभागियों को उनके सक्रिय सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया.
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