Deoghar : देवघर राजकीय श्रावणी मेले की तैयारी युद्धस्तर पर चल रही है. मेला के सफल, सुरक्षित और सुचारु संचालन को लेकर शनिवार को देवघर परिसदन सभागार में बिहार व झारखंड के अधिकारियों की बैठक हुई. अध्यक्षता संथाल परगना के आयुक्त संजय कुमार ने की. बैठक में दोनों राज्यों के प्रमंडलीय आयुक्त, संबंधित जिलों के डीसी, एसपी व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया. मेला संचालन, सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण व श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई.

बैठक में भाग लेते दोनों राज्यों के अधिकारी.
बैठक में तय किया गया कि सुल्तानगंज से देवघर तक पूरे कांवरिया मार्ग में पड़ने वाले दोनों राज्यों के जिले आपसी समन्वय के साथ कार्य करेंगे. दोनों राज्यों के अधिकारी चौबीसों घंटे संपर्क में रहेंगे और सूचना के त्वरित आदान-प्रदान के लिए व्हाट्सएप ग्रुप के साथ आधुनिक सूचना तकनीक तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी उपयोग किया जाएगा.
अधिकारियों ने बताया कि श्रावणी मेले में देवघर व बासुकीनाथ में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पूरे मेला क्षेत्र में कई होल्डिंग प्वाइंट बनाए जा रहे हैं, जहां बिजली, पंखा, शौचालय, स्नानघर, पेयजल, मोबाइल चार्जिंग, स्वास्थ्य सुविधा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध रहेंगी. भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए टेंट सिटी भी तैयार की जा रही है. बैठक में विशेष रूप से छोटे बच्चों और बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर जोर दिया गया.
भागलपुर के आयुक्त ने कहा कि भागलपुर, बांका, मुंगेर, जमुई और झारखंड के सीमावर्ती जिलों के बीच लगातार समन्वय बनाए रखा जाएगा. अंतरराज्यीय सीमाओं पर सघन गश्ती, चेक पोस्ट और निगरानी बढ़ाई जाएगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके. बैठक में देवघर जिला प्रशासन ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से मेला तैयारियों की जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि रविवार और सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहने की संभावना है. इसे देखते हुए विभिन्न स्थानों पर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी.
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बिहार से आने वाले किसी भी छोटे या बड़े वाहन की छत पर श्रद्धालुओं को बैठाकर आने की अनुमति नहीं होगी. डबल डेकर कांवरिया वाहनों के देवघर सीमा में प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी. सीमावर्ती जिलों से इस व्यवस्था के प्रभावी पालन में सहयोग करने का आग्रह किया गया.
यह भी स्पष्ट किया गया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार श्रावणी मेला के दौरान वीआईपी अथवा आउट ऑफ टर्न दर्शन की व्यवस्था पूरी तरह बंद रहेगी. इससे सभी श्रद्धालुओं को समान रूप से सुगम और व्यवस्थित दर्शन का अवसर मिल सकेगा. बैठक में देवघर, दुमका, गोड्डा, भागलपुर, बांका, मुंगेर और जमुई के प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने अपने-अपने जिलों की तैयारियों की समीक्षा प्रस्तुत की.
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