Deoghar: तंबाकू और सिगरेट के खिलाफ प्रशासन ने जिले के नगर थाना क्षेत्र के फवारा चौक, मदरसा स्कूल, सत्संग चौक एवं न्यू सदर अस्पताल इलाके में छापेमारी अभियान चलाया. अभियान के दौरान बीड़ी-सिगरेट, तंबाकू बेचते पकड़े गए दुकानदार पर कार्रवाई की गई. यह छापेमारी अभियान राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत किया गया.
इस दौरान लगभग 24 दुकानों कि जांच की गई और 13 दुकानदारों से 5450 रूपया जुर्माना वसूला गया. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ शरद कुमार ने बताया कि कोई भी सरकारी संस्थान खास कर अस्पताल, स्कूल, कॉलेज के एक सौ मीटर के दायरे में तम्बाकू पदार्थों की बिक्री और उसके सेवन पर प्रतिबंध है. उन्होंने कहा कि सोमवार को मुख्य रूप से अस्पताल व स्कूल के आसपास के दुकानों में छापेमारी की गई.
दुकानदारों को सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम-2003 के चार धाराओं के बारे में विस्तार से बतलाया गया. जिसके तहत किसी भी सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना एवं तम्बाकू सेवन का थूकना प्रतिबंधित है. दुकानदारों को अपने दुकान के सामने धुम्रपान निषेद क्षेत्र का बोर्ड लगाना होगा. इसके उल्लंघन करने पर एक हजार रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है.
धारा 5 के अनुसार किसी भी तंबाकू उत्पादकों के प्रत्यक्ष एवं प्रत्यक्ष विज्ञापन प्रोत्साहन एवं तंबाकू कंपनियों द्वारा किसी इवेंट का प्रयोजन करना अथवा स्पॉन्सरशिप करना प्रतिबंध है. इसके उल्लंघन करने पर 1000 से 5000 रुपए तक का जुर्माना अथवा 2 साल से 5 साल तक का करवास अथवा दोनों हो सकता है.
धारा 6-ए के अंतर्गत 21 वर्ष से कम उम्र वाले बच्चों को तंबाकू उत्पादन बेचना या उसके द्वारा बेचवाना प्रतिबंध है. दुकानदार को अपने दुकान के सामने ‘21 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को तंबाकू उत्पाद बेचना दंडनीय अपराध है’ का बोर्ड लगाना जरूरी है. इसके उल्लंघन करने पर 1000 रुपए तक का जुर्माना लिया जा सकता है.
धारा 6बी के अनुसार किसी भी शिक्षण संस्थान, सरकारी भवन, अस्पताल, स्वास्थ्य संस्थान, न्यायालय के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादन बेचना अपराध है. इसका उल्लंघन करने पर 1000 रुपए तक का जुर्माना वसूला जा सकता है.
तंबाकू नियंत्रण अधिनियम की धारा 7 के अनुसार किसी भी तंबाकू उत्पादकों के पैकेट के मुख्य भागों पर 85% हिस्से पर चित्रित स्वास्थ्य चेतावनी के बिना नहीं बचा जा सकता है. ऐसे उल्लंघन करने पर 5000 तक का जुर्माना तथा 2 वर्ष तक का कारावास या दोनों हो सकता है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें


Leave a Comment