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करंट से हुई थी डॉक्टर महतो की मौत, आश्रित को नौकरी और 5 लाख मुआवजा का आश्वासन

Bokaro : चंदनकियारी प्रखंड के बरमसिया पावर ग्रिड के समक्ष पिछले 3 दिनों से दिवंगत डॉक्टर महतो के परिजनों का धरना शुक्रवार को समाप्त हो गया. प्रशासन के लोग धरनास्थल पर पहुंचे और परिजनों को समझा-बुझाकर धरना समाप्त करने को राजी किया. बता दें कि 17 अगस्त को डॉक्टर महतो की मौत इलाज के दौरान हो गई थी. वह बरमसिया पावर ग्रिड में बिजली की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे. लेकिन 3 दिन तक बीजीएच में इलाज चलने के बाद उनकी हुई मौत का जिम्मेदार परिजनों ने पावर ग्रिड के प्रबंधक को ठहराते हुए मुआवजा एवं नियोजन की मांग कर रहे थे. धरना की सूचना मिलने के बाद प्रशासन के लोग बरमसिया पहुंचकर परिजनों से बातचीत की तथा मृतक के एक आश्रित को नियोजन एवं 5 लाख मुआवजा तथा उनकी बेटियों की पढ़ाई के लिए कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में व्यवस्था एवं मृतक के परिजनों को आवास की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजन धरना से उठने का राजी हुए. इस मामले पर एक मुकदमा भी दर्ज कराए जाने का आश्वासन दिया गया है. क्योंकि डॉक्टर महतो माली के रूप में बरमसिया पावर ग्रिड में कार्य कर रहे थे, लेकिन उनसे टेक्निकल कार्य भी करवाया जा रहा था. जिस कारण बिजली की चपेट में आने से डॉक्टर महतो की मौत हो गई थी. प्रशासन ने ग्रिड के अधिकारियों को सचेत किया है कि भविष्य में इस तरह की गलती नहीं की जाए.  इसे भी पढ़ें-रांची:">https://lagatar.in/ranchi-it-is-necessary-to-recruit-vip-in-rims-only-then-will-the-bumpy-road-be-known/">रांची:

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