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डिग्री होल्ड के बावजूद पीएचडी में नामांकन, JUT में नियमों के उल्लंघन का आरोप

झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (JUT) से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक शोधार्थी के शैक्षणिक और प्रशासनिक रिकॉर्ड पर सवाल खड़े हो रहे हैं.जानकारी के अनुसार, प्रीति राज वर्तमान में JUT से पीएचडी कर रही हैं.
 

Ranchi : झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (JUT) से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक शोधार्थी के शैक्षणिक और प्रशासनिक रिकॉर्ड पर सवाल खड़े हो रहे हैं.जानकारी के अनुसार, प्रीति राज वर्तमान में JUT से पीएचडी कर रही हैं. उनका पीएचडी रोल नंबर JUT24PH040 है. वह कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग एवं आईटी विभाग से शोध कर रही हैं और उनकी शोध निदेशक डॉ. शालिनी महतो हैं.

 

मामले प्रीति राज की एम.टेक डिग्री से जुड़ी है. उन्होंने सत्र 2021-23 में JUT से एम.टेक किया था. सत्र देर होने की वजह से फरवरी 2024 में मार्कशीट निकला. आरोप है कि एम.टेक के नियमित पाठ्यक्रम के दौरान उन्होंने विभिन्न संस्थानों में नौकरी की. इस मुद्दे को लेकर राजभवन में लिखित शिकायत की गई, जिसके बाद JUT प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया और एक जांच समिति का गठन किया गया.

 

जांच के बाद 21 जनवरी 2025 को आयोजित कार्यकारिणी परिषद (Executive Council) की 23वीं बैठक के मिनट्स के आधार पर समिति ने निर्णय लिया कि प्रीति राज की एम.टेक डिग्री को होल्ड पर रखा जाएगा.

 

जांच में सामने आया कि एम.टेक के दौरान प्रीति राज ने

  • 14 जनवरी 2021 से 2022 तक CCL में कार्य किया,
  • 20 जून 2022 से 29 जुलाई 2023 तक B.E.L. बेंगलुरु में नौकरी की,
  • 1 मार्च 2023 से 31 अगस्त 2023 तक TechTaliya Informatics में इंटर्नशिप की,
  • 1 अगस्त 2023 से सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड (CUJ) में जूनियर इंजीनियर के रूप में 6 माह के अनुबंध पर कार्यरत रहीं.

इसके बाद मई 2025 में कार्यपालक अभियंता (Executive Engineer) की अनुशंसा पर उन्हें CUJ में पुनः 6 माह के लिए 40,000 मासिक वेतन पर नियुक्त किया गया. इस पूरे मामले में दूसरा बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब प्रीति राज की एम.टेक डिग्री होल्ड पर है, तब भी उन्हें शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में JUT में फुल-टाइम पीएचडी स्कॉलर के रूप में नामांकन कैसे मिल गया. पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया के दौरान कॉलेज लीविंग सर्टिफिकेट, माइग्रेशन और N.O.C. अनिवार्य रूप से मांगे जाते हैं.

 

नियमों के अनुसार, फुल-टाइम शोधार्थी को स्टाइपेंड के साथ नामांकित होने पर किसी अन्य स्थान पर नौकरी करने की अनुमति नहीं होती. इसके बावजूद प्रीति राज वर्तमान में CUJ में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं, जो विश्वविद्यालय के नियमों के उल्लंघन की ओर इशारा करता है.

 

 प्रीति राज से इस बारे में स्पष्टीकरण के लिए हमने बात कर पूछा कि उनकी डिग्री होल्ड पर थी तो उनका नामांकन कैसे हुआ, जिसपर उनका जवाब था कि डिग्री उन्हें प्राप्त हो चुकी है. हम दूसरा सवाल उनके नामांकन पर किया, उन्होंने कॉल काट दिया और दोबारा फिर फिर फोन उठाना बंद कर दिया.

 

वहीं JUT की तरफ से 18/08/2025 को राज्यपाल सचिवालय को पत्र भेजा गया, जिसमें लिखा था "प्रीति राज को विश्वविद्यालय की M.Tech Degree प्रदान करने पर अभी रोक लगी हुई है और आगे कि नियमानुसार कार्रवाई किये जाने के बिन्दु पर आगामी शैक्षणिक परिषद (Academic Council) और कार्यकारी परिषद (Executive Council) के बैठक में विचार के लिए रखा जाएगा.

 

स्पष्ट जवाब ना मिलने पर हमने JUT की कुलपति धर्मेंद्र कुमार सिंह से पूछा कि क्या उनकी डिग्री होल्ड पर है, जिसपर उन्होंने हांमी भरी. हमने ये भी पूछा कि अगर डिग्री होल्ड पर है तो उनका नामांकन कैसे हुआ, जिसपर कुलपति ने उत्तर दिया कि individual पर इतना ध्यान से जानकारी संभव नहीं है पर प्रीति राज का मुद्दे पर कमेटी बैठी हुई है और अभी उसपर जांच चल रही. 
अब यह मामला JUT प्रशासन की कार्यप्रणाली, जांच प्रक्रिया और नियमों के पालन को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है.

 

 

 

 


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