Gumla: गुमला के खोरा गांव से वर्ष 2018 में लापता हुई 13 वर्षीय बच्ची (अब 21 वर्ष) के मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. सुनवाई के दौरान अदालत ने डीजीपी और गुमला एसपी से विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी है. लंबे समय से बच्ची का कोई सुराग नहीं मिलने पर हाईकोर्ट ने जांच की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताते हुए तेजी से ठोस परिणाम लाने के निर्देश दिए हैं.
कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि दो सप्ताह के भीतर जांच में ठोस प्रगति नहीं होती है, तो मामले को सीबीआई को सौंपा जा सकता है. अदालत की इस सख्ती के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है और जांच को नए सिरे से आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी गई है.
इसी क्रम में राज्य की डीजीपी तदाशा मिश्रा गुमला पहुंचीं. सर्किट हाउस में उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर अब तक की जांच की समीक्षा की. साथ ही लापता बच्ची के परिजनों को बुलाकर बंद कमरे में करीब दो घंटे तक विस्तृत बातचीत की और मामले के हर पहलू को समझने का प्रयास किया.
डीजीपी ने कहा कि पुलिस इस केस में लगातार काम कर रही है और कई बिंदुओं पर जांच की गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है. उन्होंने बताया कि पूरे मामले का दोबारा रिव्यू किया जा रहा है, ताकि जांच को और प्रभावी बनाया जा सके. गुमला पहुंचने पर डीजीपी को सर्किट हाउस में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच आगे बढ़ा रही है और जल्द ही मामले में महत्वपूर्ण प्रगति की उम्मीद जताई जा रही है.
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