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Lagatar Investigate : कुबेर पोर्टल में खामी ऐसी कि चपरासी को दे सकते हैं मुख्य सचिव से ज्यादा वेतन

Ranchi: ट्रेजरी से वेतन निकालने के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले कुबेर पोर्टल में कई खामियां हैं. इस खामी की वजह से चपरासी का वेतन मुख्य सचिव से ज्यादा निकाला जा सकता है. क्योंकि मूल वेतन के कॉलम में कुछ भी भरने की आजादी है. चपरासी का मूल वेतन मुख्य सचिव से अधिक भरने के बावजूद वह कोई अलर्ट जारी करने के बदले उसे स्वीकार कर लेता है.
 

Ranchi: वेतन निकासी के नाम पर बोकारो, हजारीबाग और रांची में हुए करोड़ों रूपये का घोटाला सामने आने के बाद यह तथ्य सामने आया था कि क्लर्क ने मुख्य सचिव से अधिक वेतन लिया. यह कैसे संभव हुआ, हमने इसकी पड़ताल की तो पता चला कि ट्रेजरी से वेतन निकालने के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले कुबेर पोर्टल में कई खामियां हैं.

 

कुबेर पोर्टल में खामियों व कमियों की वजह से चपरासी का वेतन मुख्य सचिव से ज्यादा निकाला जा सकता है. क्योंकि मूल वेतन के कॉलम में कुछ भी भरने की आजादी है. चपरासी का मूल वेतन मुख्य सचिव से अधिक भरने के बावजूद वह कोई अलर्ट जारी करने के बदले उसे स्वीकार कर लेता है. कुबेल पोर्टल में सिर्फ आयकर की कटौती का आंकड़ा कम भरने पर अलर्ट जारी होता है.


कुबेर पोर्टल पर DDO द्वारा लॉगिन करने पर एक नंबर जेनरेट होता है. इसे कंट्रोल नंबर के नाम से जाना जाता है. किसी भी DDO द्वारा लॉगिन करने पर जेनरेट होने वाला कंट्रोल नंबर एक दूसरे से नहीं मिलता है. ट्रेजरी में कंट्रोल नंबर के सहारे बिल की पहचान की जाती है. वेतन मद से निकासी के लिए कुबेर पोर्टल पर हर कर्मचारी को दिये जाने वाले कुल वेतन का विस्तृत ब्योरा भरना पड़ता है. इसमें मूल वेतम, महंगाई भत्ता, आवास भत्ता, चिकित्सा भत्ता सहित अन्य ब्योरा भरना पड़ता है.

 

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कुबेर पोर्टल पर भरे जाने वाले वेतन के कॉलम की तस्वीर


राज्य में मुख्य सचिव से ज्यादा मूल वेतन किसी अधिकारी या कर्मचारी का नहीं होता है. मुख्य सचिव का मूल वेतन 2.25 लाख रुपये है. लेकिन कुबेर पोर्टल पर बने मूल वेतन के कॉलम में कोई भी अंक लिख कर निकासी की जा सकती है. 


अगर पोर्टल के मूल वेतन के कॉलम में मुख्य सचिव के मूल वेतन से ज्यादा रकम भरने पर पाबंदी या अलर्ट का सिस्टम होता तो पुलिसकर्मियों द्वारा वेतन मद से करोड़ों की निकासी संभव नहीं होता. पशु स्वास्थ्य एंव उत्पाद संस्थान का क्लर्क मुनिंद्र मुख्य सचिव से ज्यादा वेतन नहीं निकाल सकता था. 


अगर किसी कर्मचारी का मूल वेतन 30 हजार है, तो उसे पोर्टल पूरा अंक(30,000) लिखना पड़ता है. अगर वेतन निकासी के लिए पोर्टल पर DDO या अकाउंटेंट द्वारा एक शून्य बढ़ा दिया जाए तो कर्मचारी का मूल वेतन तीन लाख (3,00,000) हो जायेगा. इससे संबंधित कर्मचारी के नाम पर मुख्य सचिव से ज्यादा वेतन की निकासी हो जायेगी.

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