कस्टमर करते हैं जबर्दस्ती
प्रशासन के आदेश के बाद पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि कई बार खुला पेट्रोल देने से मना करने पर ग्राहक जोर-जबर्दस्ती करते हैं, कई बार मारपीट पर उतारू हो जाते हैं. कर्मी बोतल में तेल देने से मना करते हैं, लेकिन उनकी कोई सुनता नहीं है. कस्टमर लडऩे के लिए आ जाते हैं. थानों को भी सूचना दी जाती है, लेकिन ऐसे लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं होती है, जिससे उनका हौसला बुलंद रहता है.क्या कहते हैं कस्टमर
पेट्रोल पंप पर बोतल में तेल लेने पहुंचे सुरेश स्वर्णकार का कहना है कि वह खेतीबारी से जुड़े इंसान हैं. उन्हें सब्जी बागान में कीटनाशक छिड़काव के लिए पोर्टेबल इंजन चलाना होता है. उन्हें पेट्रोल की जरूरत होती है. अब बोतल में पेट्रोल ना मिले तो कीटनाशक का छिड़काव कैसे करेंगे. उनका कहना है कि सरकार की पहल बिल्कुल सही है, लेकिन कम से कम वैसे लोगों को छोड़ देना चाहिए जो काफी मजबूर हो.कुछ राहत मिले तो ठीक
वहीं गैलेन में पेट्रोल लेने पहुंचे अशोक शर्मा ने बताया कि वह 1 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे हैं. कारण उनकी ओमनी मारुति कार का पेट्रोल बीच रास्ते में ही खत्म हो गया है. अब वहां से गाड़ी को धक्का देकर पंप तक लाना बड़ा ही मुश्किल काम है. जिला प्रशासन के आदेश को मानते हैं, लेकिन थोड़ी राहत तो जरूर मिलनी चाहिए. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/agnipath-protest-caught-fire-in-dhanbad-akash-march-and-effigy-burning/">धनबादमें Agnipath विरोध ने तूल पकड़ा, आकोश मार्च और पुतला दहन [wpse_comments_template]

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