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धनबाद : पचास वर्षीय दुष्कर्मी रोहित को बीस वर्ष की कैद

Dhanbad: छह वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोपी धनसार निवासी 50 वर्षीय रोहित पंडित को पोक्सो के विशेष न्यायाधीश प्रभाकर सिंह की अदालत ने बीस वर्ष की सश्रम कारावास एवं पांच हजार रुपए जुर्माना से दंडित किया है. तीन सितंबर को अदालत ने रोहित को दोषी करार दिया था. अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 3 सितंबर की तारीख निर्धारित की थी. प्राथमिकी पीड़िता की दादी की शिकायत पर 11 सितंबर 20 को दर्ज की गई थी. प्राथमिकी के मुताबिक 11 सितंबर को 10 बजे दिन में पीड़िता घर के बाहर खेल रही थी. रोहित पंडित ने उसे दस रूपया का लालच दिया और अपने साथ घर के बगल में एक टूटे घर में ले गया. उसके साथ दुराचार किया. बच्ची रोते हुए घर आई और घटना के बारे में जानकारी दी. घर के लोग बगल के टूटे हुए घर में गए, जहां रोहित पंडित नंगा सोया हुआ था. लोगों को देखकर वह भाग गया. पुलिस ने अनुसंधान के बाद 6 जनवरी 20 को रोहित के विरुद्ध आरोप पत्र दायर किया था. 20 नवंबर 21 को आरोप तय होने के बाद सुनवाई शुरू हुई थी. अभियोजन ने इस मामले में छह गवाहों का परीक्षण कराया था.

दुराचार का आरोपी दोषी करार, सजा 5 को

14 वर्षीय नाबालिग का अपहरण कर दुराचार के आरोपी संदीप पासवान को अदालत ने तीन सितंबर को दोषी करार दिया. पोक्सो के विशेष न्यायाधीश प्रभाकर सिंह की अदालत ने अभियुक्त की सजा के बिंदु पर सुनवाई की अगली तारीख 5 सितंबर निर्धारित कर दी है. अभियुक्त संदीप बैंक मोड़ थाना क्षेत्र स्थित विकास नगर का रहने वाला है. अभियुक्त को अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत ने अपहरण एवं नाबालिग के साथ दुराचार के मामले में दोषी पाये जाने का आदेश सुनाया. अभियुक्त के खिलाफ बैंक मोड़ थाना में 26 मार्च 2021 को पीड़िता की बहन द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. प्राथमिकी में कहा गया था कि 18 अक्टूबर 2020 को अभियुक्त संदीप पासवान ने उसकी बहन का अपहरण उस वक्त किया, जब वह ट्यूशन पढ़ने गई थी.  उन लोगों को पता चला कि संदीप उसकी बहन को हजारीबाग ले गया है. वे लोग हजारीबाग जाकर बहन को ले आए. परंतु संदीप ने बहन का मोबाइल अपने पास रख लिया और कुछ दिनों के बाद उसके पिता के नंबर पर फोन कर गंदी-गंदी बातें करता था. अश्लील मैसेज भेजा करता था. पूछे जाने पर वह उसकी बहन से शादी करने की बात कहता था. पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ 17 अक्टूबर 2021 को अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया तथा अदालत में 9 मार्च 2022 को आरोप का गठन किया गया. अभियोजन पक्ष द्वारा इस मामले में कुल 4 गवाहों की गवाही कराई गई थी. अदालत को दिए धारा 164 के बयान में पीड़िता ने संदीप पर आरोप लगाया कि वह उसे जबरन टेंपू में बैठा कर हजारीबाग ले गया, जहां उसके साथ दुराचार किया था. अभियुक्त फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है. यह भी पढ़ें : हजारीबाग:">https://lagatar.in/hazaribagh-people-thrashing-a-young-man-running-away-after-snatching/">हजारीबाग:

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