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धनबाद : थापरनगर-एमपीएल रेल लाइन के नीचे जमीन धंसी

 
 Nirsa : निरसा (Nirsa) थापरनगर रेलवे स्टेशन से एमपीएल कोयला ढुलाई के लिए बनाई गई रेल लाइन के नीचे की लगभग 15 से 20 फीट जमीन 23 अगस्त मंगलवार को एक बार फिर धंस गयी. लगभग 50 मीटर के दायरे तक जमीन में दरार पड़ चुकी है. अगर धंसान का दायरा बढ़ता गया तो हावड़ा-नई दिल्ली लाइन भी खतरे में आ जाएगी. गया-हावड़ा ग्रैंड कॉड लाइन की दूरी यहां से मात्र 35 मीटर है. इस रूट से होकर आये दिन दर्जनों गाड़ियां गुजरती हैं.

   दहशत के साये में जीने को विवश ग्रामीण

आये दिन भू-धंसान से आसपास के ग्रामीणों के बीच दहशत तो है ही, रेलवे ट्रैक पर भी खतरा मंडराने लगा है. बतातें चलें कि विगत 16 अगस्त को श्यामपुर बस्ती से थापरनगर रेलवे स्टेशन जाने वाले मार्ग में लगभग पांच फीट जमीन धंस गई थी. डेढ़ से दो सौ फीट की जद में दरारें पड़ गई थीं. विगत वर्ष 27 अगस्त को भी एमपीएल के रेल लाइन एवं आसपास के लगभग 150 फीट के दायरे में जमीन धंस गई थी.

  तेज आवाज से  फैली दहशत, बाल-बाल बचे लोग

मंगलवार को अलहे सुबह अचानक तेज आवाज के साथ थापरनगर रेलवे स्टेशन से एमपीएल जाने के लिए बनाए गए रेलवे ट्रैक के नीचे की जमीन लगभग 25 फीट के दायरे में धंस गई. स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे में वे बाल-बाल बच गए. अब खतरा सीधे उनके सिर पर मंडराने लगा है. आरोप है कि जब भी भू-धसांन होता है, ईसीएल प्रबंधन ऊपर-ऊपर मिट्टी भरवाकर अपना पिंड छुड़ा लेता है. सही ढंग से भराई नहीं कराई गई तो कभी भी भीषण घटना हो सकती है.

 ग्रैंड कॉड लाइन की दूरी मात्र 35 मीटर

ग्रामीणों की मानें तो भू-धंसान स्थल से ग्रैंड कॉड लाइन की दूरी मात्र 35 मीटर है. अगर भू-धंसान स्थल की अच्छे से भराई नहीं कराई गई तो कभी भी यह रेल लाइन जमींदोज हो सकती है और व्यापक पैमाने पर जान माल की हानि हो सकती है. यह भी पढ़ें: धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-stations-inquiry-center-will-now-be-called-sahyog/">धनबाद

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