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धनबाद : मैं ‘सिंह मेंशन’ में था, नीरज सिंह को नहीं मारा – संजीव सिंह

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Dhanbad : नीरज हत्याकांड में बीते पांच साल से जेल में बंद झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह, डब्लू मिश्रा, चंदन सिंह एवं विनोद सिंह ने 4 अगस्त को अपना लिखित बयान अदालत में दायर किया है. सभी आरोपियों को सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश किया गया था. संजीव की ओर से अधिवक्ता मोहम्मद जावेद ने लिखित जवाब दायर किया. इसके पूर्व उन्होंने 15 जुलाई 22 को अदालत में मौखिक सफाई बयान दिया था. जिला एवं सत्र न्यायाधीश अखिलेश कुमार की अदालत में दाखिल लिखित बयान में संजीव सिंह ने एक बार फिर अदालत के सभी सवालों का लिखित रूप से जवाब दिया. संजीव सिंह ने अपने जवाब में कहा है कि मृतक नीरज सिंह उससे झरिया विधानसभा चुनाव हारने के अलावा धनबाद विधानसभा का भी चुनाव भारी मतों के अंतर से हारे थे. नीरज सिंह जनता के बीच अपने किसी अच्छे व जन सेवा कार्यों के लिए लोकप्रिय नहीं हो रहे थे, बल्कि आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के कारण चर्चा में थे. उनके जीवन काल में उन पर धनबाद जिले के छह अलग-अलग थानों में गंभीर धाराओं के तहत कई आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए थे. संजीव सिंह ने दूसरे सवाल के जवाब में कहा है कि वह न तो उपरोक्त कार में बैठे लोगों की हत्या में किसी प्रकार से शामिल थे और न किसी के साथ मिलकर साजिश के तहत हत्या की. बल्कि घटना के दिन व समय में वे अपने आवास `सिंह मेंशन` में थे. संजीव सिंह ने तीसरे सवाल के जवाब में लिखित रूप से कहा है कि सभी गवाह झूठे बनावटी और नीरज के काफी करीबी लोग हैं. पुलिस ने अनुसंधान के क्रम में उनके मोबाइल का 21 मार्च 17 का सीडीआर और लोकेशन मोबाइल कंपनी से प्राप्त कर कोर्ट में पेश किया है. जिसके अनुसार वह घटनास्थल पर घटना के समय उपस्थित नहीं थे. संजीव ने अपने लिखित सफाई बयान में कहा है कि आदित्य राज [हत्या के समय नीरज सिंह के साथ गाड़ी में सवार] का मोबाइल फोन का सीडीआर, टावर लोकेशन मोबाइल कंपनी से प्राप्त कर न्यायालय में दाखिल कर उसे मोबाइल कंपनी के नोडल ऑफिसर से प्रमाणित कराया गया है. आदित्य राज के उक्त मोबाइल लोकेशन व सीडीआर से यही प्रतीत होता है कि वह 21 मार्च 17 से पूर्व व दिनांक 21 मार्च 17 के पूरे दिन धनबाद जिला से बाहर गिरिडीह जिला में मौजूद था. जबकि वे [संजीव सिंह] घटना की तिथि व समय में घटनास्थल के पास भी मौजूद नहीं थे. संजीव ने अपने जवाब में कहा है कि वे घटना की तिथि, घटना से पूर्व, घटना के समय व घटना के बाद भी अपने आवाज `सिंह मेंशन` में सरकार व जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए सरकारी अंगरक्षकों के साथ थे. सरकारी अंगरक्षकों ने भी अनुसंधानकर्ता को दिए बयान में इस बात की पुष्टि की है. संजीव ने अपने बयान में कहा है कि उसे किसी के मोबाइल नंबर या उनके बातचीत की जानकारी नहीं है और वह घटनास्थल पर नहीं थे.

नाबालिग लड़की से दुराचार के आरोपी को बीस वर्ष कैद

नाबालिग लड़की से दुराचार के मामले में राजेश रवानी को अदालत ने 4 अगस्त को बीस साल की सजा दी. धनबाद पोक्सो के विशेष न्यायाधीश प्रभाकर सिंह की अदालत ने आरोपी, भूली ओपी क्षेत्र के माझी टोला बस्ती निवासी राजेश रवानी को 20 वर्ष की कैद एवं पांच हजार रुपए जुर्माना से दंडित किया है. 3 अगस्त को अदालत ने राजेश को दोषी करार दिया था. सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 4 अगस्त की तारीख निर्धारित की थी. अभियुक्त के खिलाफ पीड़िता के पिता द्वारा बैंक मोड़ थाना में 10 सितंबर 2021 को प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. प्राथमिकी के मुताबिक 9 सितंबर 2021 की दोपहर डेढ़ बजे उनकी नाबालिग 15 वर्षीय पुत्री शौच के लिए घर के बगल स्थित झाड़ी में गई थी. एक घंटा बीत जाने के बाद ढाई बजे उनकी पुत्री रोते-बिलखते घर पहुंची. पूछने पर उसने मां को बताया कि राजेश रवानी ने उसे अकेला पाकर पहले गमछा से मुंह-हाथ बांध दिया. फिर जबरन उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया. धमकी दी थी कि यदि घटना की जानकारी किसी को दी, तो उसके परिवार वालों की हत्या कर देंगे तथा उसकी बहन की शादी में व्यवधान डाल देंगे. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ 30 अक्टूबर 2021 को अदालत में आरोप पत्र समर्पित किया था. अदालत में 18 नवंबर 2021 को आरोप का गठन किया गया था. अभियोजन पक्ष द्वारा इस मामले में कुल 5 गवाहों की गवाही कराई गई थी.

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alt="" width="150" height="150" />इकबाल की अग्रिम जमानत की गुहार

वासेपुर निवासी गुड़िया खान के कार पर फायरिंग के मामले में फहीम खान के पुत्र इकबाल खान ने 4 अगस्त को सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दायर की है. इकबाल के अधिवक्ता शाहबाज ने बताया कि जमानत अर्जी पर 5 अगस्त को सुनवाई हो सकती है. प्राथमिकी गुड़िया खान के पति अमित सिंह की शिकायत पर 21 जुलाई 22 को दर्ज की गई थी. प्राथमिकी के मुताबिक 21 जुलाई 22 को वह अपनी पत्नी गुड़िया के साथ भूली मोड की ओर जा रहे थे कि तभी रात आठ बजे उनकी कार पर मोटरसाइकिल सवार दो लोगों ने फायरिंग कर दी. अमित ने आरोप लगाया है कि उनकी दुश्मनी इकबाल खान, सोनू खान एवं जब्बार खान से थी. 15 दिन पहले भी इन तीनों से उसकी पत्नी का झगड़ा हुआ था. इसी कारण इन लोगों ने हत्या की साजिश कर गोली चलवाई है.

नन्हे हत्याकांड :निचली अदालत से अभिलेख तलब

जमीन कारोबारी नन्हे खान की सरेआम हत्या के मामले मे जेल में बंद प्रिंस खान के पिता नासिर खान नासिर की जमानत अर्जी पर 4 अगस्त को सुनवाई हुई. जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुजीत कुमार सिंह की अदालत में नासिर के अधिवक्ता उदय कुमार भट्ट एवं अपर लोक अभियोजक अनिल सिंह की दलील सुनने के बाद अदालत ने निचली अदालत से अभिलेख तलब किया है. 24 नवंबर 21 की दोपहर ढाई बजे के करीब दो बाइक पर सवार चार शूटरों ने बुलेट से जा रहे 37 वर्षीय नन्हे पर गोलियों की बौछार कर दी. घटना को अंजाम देकर अपराधी आराम से भाग निकले थे.

ठेकेदार से रंगदारी एवं फायरिंग के मामले में जमानत खारिज

हाउसिंग कॉलोनी के ठेकेदार अनुराग विजय से प्रिंस खान के नाम पर रंगदारी मांगने एवं हाउसिंग कॉलोनी स्थित उसके घर पर  फायरिंग के मामले में जेल में बंद आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज हो गई. जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकुमार मिश्रा की अदालत ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता उदय कुमार भट्ट एवं अपर लोक अभियोजक अवधेश कुमार की दलील सुनने के बाद आरोपी विक्रम सिंह, शिवम कुमार, श्याम कुमार पांडे एवं सौरव सिन्हा की जमानत अर्जी खारिज कर दी. चारों इस मामले में 18 मई 22 से जेल में बंद है. प्राथमिकी हाउसिंग कॉलोनी निवासी अनुराग विजय की शिकायत पर 23 मई 22 को प्रिंस खान ,मेजर व अन्य के विरुद्ध दर्ज की गई थी. यह भी पढ़ें : बीपीएससी">https://lagatar.in/dumka-shubham-got-114th-rank-in-bpsc-exam/">बीपीएससी

परीक्षा में शुभम को 114 वां रैंक [wpse_comments_template]  
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