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धनबाद : संसाधनों की कमी मंजिल तक जाने से रोक नहीं सकती: प्रियदर्शी आलोक

 
Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) केके पब्लिक स्कूल गोविंदपुर में शनिवार 25 जून को "प्रीफेक्टस इंवेस्टिट्यूर सेरेमनी" (अधिष्ठाता अधिष्ठापन समारोह) का आयोजन किया गया. उद्घाटन जैप थ्री के कमांडेंट आईपीएस अधिकारी प्रियदर्शी आलोक, केके ग्रुप के चेयरमैन रवि चौधरी और केके पब्लिक स्कूल के प्राचार्य सतद्रू राय ने दीप जला कर किया. विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए आईपीएस प्रियदर्शी आलोक ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में सफलता प्राप्त की जा सकती है, चाहे वातावरण कैसा भी हो.

   शिक्षकों की बदौलत आगे बढ़ता है स्कूल

संसाधन की कमी मंजिल तक पहुंचने में थोड़ा विलंब तो करा सकती है, लेकिन रोक नहीं सकती, इसलिए सबसे पहले अपना लक्ष्य तय करें और उसे प्राप्त करने के लिए प्रतिदिन आगे बढ़ें. प्रतिदिन रात में खुद का मूल्यांकन करना ना भूलें. ग्रुप के चेयरमैन रवि चौधरी ने कहा कि उनकी पढ़ाई एक कमरे के विद्यालय से शुरू हुई थी और सैनिक स्कूल से होते हुए आगे बढ़ी. उनकी सफलता कभी भी संसाधनों की कमी के कारण नहीं रुकी. उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि संस्थान या स्कूल शिक्षकों की बदौलत ही आगे बढ़ता है, विद्यार्थियों की सफलता में स्कूल व संसाधन नहीं बल्कि शिक्षक का रोल ही अहम होता है.

 अभिभावकों को दिख रहा बच्चों का उज्ज्वल भविष्य

प्राचार्य सतद्रू राय ने कहा कि आज अधिष्ठाता अधिष्ठापन समारोह में विद्यालय के विभिन्न कक्षाओं के सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया है. कहा कि केके स्कूल गोविंदपुर आसपास के बच्चों के लिए शिक्षा का ऐसा केंद्र बनकर उभर रहा है, जहां अभिभावकों को अपने बच्चों का उज्जवल भविष्य दिख रहा है. कार्यक्रम में स्कूल के सैकड़ों विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावक भी मौजूद थे.

  शिक्षा व्यवसाय नहीं, संस्थान के लिए पैसा भी जरूरी

लगातार के सवाल पर अपना विचार व्यक्त करते हुए के के ग्रुप के चेयरमैन रवि चौधरी ने कहा कि शिक्षण व शिक्षा कभी भी व्यवसाय नहीं हो सकती. पैसा कमाने की भावना से ऊपर उठकर न्यूनतम फीस में समाज के अंतिम पायदान पर खड़े बच्चे को भी शिक्षा देने की व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन वहीं संस्थान या स्कूल चलाने के लिए पैसे की जरूरत तो होती है. इसलिए स्कूल या संस्थान चलाने के लिए भी फीस लेना आवश्यक है. यह भी पढ़ें: धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-declaration-of-emergency-47-years-ago-dark-chapter-for-the-country-yadunath-pandey/">धनबाद:

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