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धनबादः एदार-ए-शरिया तहरीके बेदारी की बैठक, मदरसा सर्टिफिकेट की मान्यता की उठी मांग

बैठक में रांची समेत झारखंड के विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया. इसमें एसआईआर को लेकर आम लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया गया. एसआईआर कार्य में लगे कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मांग की गई.
 

Dhanbad : धनबाद के वासेपुर स्थित मदरसा में बुधवार को एदार-ए-शरिया तहरीके बेदारी की बैठक हुई. बैठक में रांची समेत झारखंड के विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया. इसमें एसआईआर को लेकर आम लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया गया. एसआईआर कार्य में लगे कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मांग की गई ताकि प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके और किसी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से न कटे.


संस्था के झारखंड नाजिम-ए-आला मौलाना मोहम्मद कुतुबुद्दीन रिजवी ने कहा कि दारुल कजा एक तरह से फास्ट ट्रैक न्याय व्यवस्था के रूप में कार्य करता है जिससे अदालतों पर बोझ कम होता है. इसमें दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर आपसी सहमति से फैसला किया जाता है. उन्होंने बताया कि जल्द ही धनबाद में एदार-ए-शरिया तहरीके बेदारी का अधिवेशन आयोजित किया जाएगा जिसमें कई अहम सामाजिक और शैक्षणिक मुद्दों पर चर्चा होगी. मौलाना रिजवी ने मदरसों में आलिम व फाजिल सर्टिफिकेट को अमान्य किए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की. कहा कि इससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है. उन्होंने मांग की कि अरबी व फारसी विषयों को किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से टैग कर मदरसा सर्टिफिकेट को वैधता दी जाए.


उनका कहना था कि आलिम को बीए और फाज़िल को एमए के समकक्ष माना जाना चाहिए, लेकिन मान्यता के अभाव में विद्यार्थियों की नौकरी व उच्च शिक्षा बाधित हो रही है. वहीं, एसआईआर को लेकर उन्होंने कहा कि अभी भी बड़ी संख्या में लोग इस बारे में जागरूक नहीं हैं. उन्होंने लोगों से अपील की कि अपने आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार रखें. उन्होंने बताया कि फॉर्म सात भरने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह केवल नाम हटाने या स्थान परिवर्तन की स्थिति में भरा जाता है. एक बीएलओ पर 20 हजार आबादी का भार उचित नहीं है. इसलिए मैनपावर बढ़ाना बेहद जरूरी है.


गुलाम मोहम्मद अशरफी ने कहा कि झारखंड में फरवरी से एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें ताकि उनका नाम मतदाता सूची से न कटे. इसके लिए संगठन की ओर से शिविर लगाकर जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. बैठक में निर्णय लिया गया कि एदार-ए-शरिया तहरीके बेदारी का अगला अधिवेशन धनबाद में आयोजित किया जाएगा. 


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