Dhanbad : भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) और आईआईटी (आईएसएम) की संयुक्त पहल पर गुरुवार को आईआईटी (आईएसएम) परिसर स्थित पेनमैन ऑडिटोरियम में अंडरप्रिविलेज्ड व प्रोजेक्ट अफेक्टेड पर्सन (PAP) छात्रों के लिए STEM शिक्षा विषय पर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया .

कार्यक्रम का उद्देश्य जरूरतमंद व परियोजना प्रभावित छात्रों को विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) शिक्षा के प्रति जागरूक करना तथा उनमें वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना विकसित करना था.
कार्यक्रम में बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल, आईआईटी (आईएसएम) के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा, जिला शिक्षा पदाधिकारी अभिषेक झा, शिक्षकों, शोधकर्ताओं व बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही.
कार्यशाला में 500 से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया और विज्ञान व तकनीक की आधुनिक दुनिया को करीब से समझने का अवसर प्राप्त किया.इस अवसर पर बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि आज के दौर में वैज्ञानिक और तकनीकी शिक्षा का महत्व लगातार बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि बीसीसीएल अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) योजना के तहत शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है. उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से ग्रामीण, जरूरतमंद और परियोजना प्रभावित क्षेत्रों के छात्रों को नई दिशा मिलेगी और वे भविष्य में विज्ञान व तकनीक के क्षेत्र में बेहतर करियर बना सकेंगे.
वहीं आईआईटी (आईएसएम) के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि विज्ञान केवल किताबों तक सीमित नहीं है बल्कि यह जीवन को समझने और समस्याओं के समाधान खोजने का माध्यम है. उन्होंने छात्रों को जिज्ञासु बनने, सवाल पूछने और नई तकनीकों को सीखने के लिए प्रेरित किया.उन्होंने कहा कि देश के विकास में वैज्ञानिक सोच रखने वाले युवाओं की बड़ी भूमिका है.
कार्यक्रम समन्वयक व आईआईटी (आईएसएम) की सहायक प्राध्यापक प्रो. रश्मि सिंह ने बताया कि कार्यशाला के दौरान छात्रों को संस्थान के विभिन्न शोध व नवाचार केंद्रों का भ्रमण कराया गया. इसमें टेक्समिन इनोवेशन हब, रोबोटिक्स लैब, जियोलॉजिकल म्यूजियम, सेंट्रल लाइब्रेरी तथा अन्य अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं शामिल थीं.
छात्रों ने रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, भू-विज्ञान और नई तकनीकों से जुड़े कई मॉडल और शोध कार्यों को करीब से देखा.उन्होंने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्रों में जिज्ञासा, रचनात्मकता और नवाचार की भावना विकसित करना है ताकि वे विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हो सकें. छात्रों ने भी इस कार्यक्रम को बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि उन्हें पहली बार आईआईटी (आईएसएम) जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की प्रयोगशालाओं और शोध कार्यों को देखने का अवसर मिला.
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने छात्रों को STEM शिक्षा के महत्व, आधुनिक तकनीकों, करियर संभावनाओं और उच्च शिक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दीं.आयोजन के अंत में छात्रों ने विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने की इच्छा जताई तथा इस तरह के कार्यक्रमों को भविष्य में भी आयोजित करने की मांग की.
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