Dhanbad : विधानसभा की ध्यानाकर्षण विशेष समिति की बैठक सोमवार को धनबाद के परिसदन में हुई. समिति के अध्यक्ष टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो की अध्यक्षता हुई बैठक में जिले में खनन परियोजनाओं से प्रभावित रैयतों को न्याय, मुआवजा, पुनर्वास व नियोजन दिलाने के मुद्दे पर मंथन किया गया. बैठक में विधायक उमाकांत रजक, सुदीप गुड़िया, अरूप चटर्जी, चंद्रदेव महतो, बीसीसीएल सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे.
बैठक में धनबाद जिले के अंतर्गत आने वाली बीसीसीएल, सीसीएल व ईसीएल की खनन परियोजनाओं से प्रभावित रैयतों को मुआवजा, पुनर्वास और नियोजन उपलब्ध कराने के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई. बड़ी संख्या में पहुंचे प्रभावित रैयतों ने अपनी समस्याओं और लंबित मामलों से संबंधित आवेदन समिति को सौंपे, जिनकी समीक्षा कर समिति ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए.
सुरंगा-जहाजटांड़ मामले को लेकर बनी थी समिति
दरअसल, सिंदरी विधानसभा क्षेत्र के सुरंगा, जहाजटांड़ समेत आसपास के गांवों में देवप्रभा आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा कथित तौर पर रैयती, सरकारी और वन विभाग की जमीन पर मनमाने तरीके से कोयला खनन व ओबी (ओवरबर्डन) डंपिंग किए जाने का मामला सामने आया था. इस मुद्दे को सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने विधानसभा में उठाया था. इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने ध्यानाकर्षण विशेष समिति का गठन किया था. समिति प्रभावित रैयतों की शिकायतों व अधिकारों की जांच कर रही है.
भूमि गंवाने वालों को मिलेगा न्याय - मथुरा महतो
अध्यक्ष मथुरा प्रसाद महतो ने कहा कि समिति का मुख्य उद्देश्य खनन के कारण अपनी जमीन गंवाने वाले रैयतों को न्याय दिलाना है. प्रभावित लोगों के भूमि दस्तावेजों की जांच के बाद पात्र रैयतों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा. साथ ही खनन कंपनियों द्वारा उपयोग की गई सरकारी जमीन और उससे जुड़े राजस्व मामलों की भी विस्तृत समीक्षा की जा रही है.
उन्होंने बताया कि बीसीसीएल द्वारा उपयोग की गई सरकारी जमीन के एवज में राज्य सरकार को लगभग 220 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है.वहीं, अन्य खनन कंपनियों से भी बकाया राजस्व की वसूली की प्रक्रिया जारी है. समिति के गठन को नौ माह हो चुके हैं. समिति प्रभावित परिवारों के हितों की रक्षा के लिए काम कर रही है. समीक्षा बैठक तीन दिनों तक चलेगी.
लंबित मामलों के शीघ्र समाधान का निर्देश
बैठक के दौरान वर्षों से लंबित कई मामलों पर चर्चा हुई जिनमें प्रभावित परिवार मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार की मांग कर रहे हैं.समिति ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए. ताकि प्रभावित परिवारों को जल्द राहत मिल सके.
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