- अवैध खनन बना जानलेवा
- कागजों पर सिमटे बड़े फैसले
Dhanbad News : धनबाद कोयलांचल में भू-धंसान और गोफ बनने की घटनाएं अब आम हो चुकी हैं. लेकिन इसके पीछे छिपी त्रासदी बेहद खौफनाक है. पिछले तीन महीनों में छाताबाद, काजूबगान और केलूडीह इलाके में जमीन धंसने की बार-बार हुई घटनाओं ने दर्जनों परिवारों को बेघर कर दिया है. आशियाने जमींदोज हो चुके हैं और लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं.
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भू-धंसान की घटना में एक मासूम अपनी जान गंवा चुका है और कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं. इसके बावजूद जिम्मेदारों का रवैया सिर्फ बैठकों तक सीमित है. बीसीसीएल (गोविंदपुर एरिया 3) के जीएम सत्यकाम आनंद खुद यह स्वीकार कर चुके हैं कि भू-धंसान का मुख्य कारण अवैध कोयला खनन है. इसके बावजूद इस अवैध उत्खनन पर न तो लगाम लगाई जा रही है और न ही धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई दिख रही है.
अधिकारियों की बैठक में फूटा लोगों का गुस्सा
छाताबाद की घटना को लेकर शुक्रवार को बाघमारा अंचल कार्यालय सभागार में सीओ गिरजानंद किस्कू, बीसीसीएल जीएम सत्यकाम आनंद, पार्षद शहाबुद्दीन और प्रभावित ग्रामीणों की मौजूदगी में बैठक हुई. हालांकि हर हादसे के बाद की जाने वाली इन औपचारिक बैठकों और निरीक्षणों से तंग आ चुके प्रभावित लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और बैठक में जमकर हंगामा हुआ.
छाताबाद में 7 जुलाई, 7 अगस्त और 16 सितंबर को लगातार जमीन धंसी. लेकिन समाधान के नाम पर सिर्फ आश्वासनों का पुलिंदा बांधा जा रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि मंत्री और सीएमडी स्तर की वार्ताओं में बड़े-बड़े दावे किए गए थे. लेकिन उनका जमीन पर कोई असर नहीं दिख रहा है.
लोगोंकी मांग है कि प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति और जमीन धंसने के खतरों का सटीक आकलन करने के लिए तत्काल स्वतंत्र तकनीकी सर्वे कराया जाए. हादसों की मुख्य वजह बन रहे अवैध कोयला खनन के सिंडिकेट पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और मौत के साये में जी रहे परिवारों को अविलंब सुरक्षित स्थानों पर स्थायी रूप से पुनर्वासित किया जाए.
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