धनबाद खनन विभाग की टीम ने गुरुवार को माइनिंग इंस्पेक्टर श्यामानंद सिंह और ब्रह्मदेव यादव के नेतृत्व में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाया. अभियान के दौरान बरटांड़ बस स्टैंड के समीप धैया रोड पर बालू लदे दो 407 वाहनों को रोककर जांच की गई.
जांच के दौरान वाहन चालकों से बालू परिवहन से संबंधित वैध चालान और परिवहन परमिट की मांग की गई. लेकिन वे कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके. इसके बाद खनन विभाग ने जेएच-10 एटी-8754 और जेएच-10 बीजे-7449 नंबर के दोनों वाहनों को जब्त कर धनबाद थाना के सुपुर्द कर दिया.
विभागीय अधिकारियों ने कहा कि एनजीटी प्रतिबंध अवधि में बिना वैध अनुमति बालू का परिवहन पूरी तरह अवैध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

तेलमच्चो घाट
तेलमच्चो घाट पर छापेमारी, ट्रैक्टर छोड़ भागे खनन कारोबारी
वाहन जब्ती के बाद खनन विभाग की टीम तेलमच्चो बालू घाट पहुंची, जहां दामोदर नदी से ट्रैक्टरों के माध्यम से बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन किया जा रहा था. अधिकारियों को देखते ही खनन में शामिल लोग ट्रैक्टरों की चाबी लेकर मौके से फरार हो गए.
टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर अवैध खनन के साक्ष्य जुटाए और आवश्यक कार्रवाई शुरू की. हालांकि विभागीय कार्रवाई के कुछ ही घंटों बाद तेलमच्चो घाट पर फिर से अवैध बालू खनन और भंडारण शुरू हो जाने की सूचना सामने आई.
इससे यह सवाल उठने लगा है कि आखिर बालू माफियाओं के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं और कार्रवाई के बावजूद अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक क्यों नहीं लग पा रही है.

सुदामडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत पाथरडीह पांडेय बस्ती

सुदामडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत गोसाईं स्थान
सुदामडीह क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर खनन और भंडारण
शुक्रवार को भी तेलमच्चो और सुदामडीह थाना क्षेत्र में अवैध बालू खनन और भंडारण का कार्य जारी रहा. सुदामडीह थाना से महज लगभग 500 मीटर की दूरी पर गोसाईं थान के समीप और पाथरडीह पांडेय बस्ती क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बालू का भंडारण किया जा रहा है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिबंध लागू होने के बावजूद रात के समय ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों के जरिए नदी से बालू निकालकर विभिन्न स्थानों पर जमा किया जा रहा है. इसके बाद आवश्यकता अनुसार भंडारित बालू का परिवहन किया जाता है.

श्यामनंदन सिंह ( माइनिंग इंस्पेक्टर )
खनन विभाग ने स्वीकारा, अकेले रोक पाना संभव नहीं
इस संबंध में माइनिंग इंस्पेक्टर श्यामानंद सिंह ने कहा कि अवैध बालू भंडारण और परिवहन के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि जहां भी बालू भंडारण की सूचना मिलती है, वहां सबसे पहले संबंधित अनुमति और दस्तावेजों की जांच की जाती है.
वैध अनुमति नहीं मिलने पर भंडारित बालू को सीज किया जाता है और जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाती है. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि केवल खनन विभाग के स्तर पर अवैध खनन और भंडारण पर पूरी तरह रोक लगाना संभव नहीं है. इसके लिए स्थानीय पुलिस, अंचल प्रशासन और आम जनता के सहयोग की आवश्यकता है.
उन्होंने बताया कि इस संबंध में स्थानीय थाना प्रभारियों और अंचल अधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं.
कार्रवाई के बावजूद जारी कारोबार, उठ रहे कई सवाल
एनजीटी के प्रतिबंध के बावजूद तेलमच्चो और सुदामडीह क्षेत्र में अवैध खनन और भंडारण का दोबारा शुरू होना प्रशासनिक निगरानी और कार्रवाई की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है. एक ओर खनन विभाग लगातार कार्रवाई का दावा कर रहा है.
वहीं दूसरी ओर बालू माफिया बेखौफ होकर नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं. ऐसे में अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रतिबंध अवधि के दौरान खनन विभाग, स्थानीय पुलिस और प्रशासन के संयुक्त प्रयास अवैध बालू कारोबार पर कितनी प्रभावी लगाम लगा पाते हैं और क्या दामोदर नदी के घाटों पर चल रहे इस खेल पर वास्तव में रोक लग सकेगी.
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