मिली जानकारी के अनुसार रांची, रामगढ़, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और गिरिडीह जिले के कई खनिज ब्लॉक नीलामी प्रक्रिया में शामिल किए जाएंगे. इनमें चूना पत्थर के चार, सोना के पांच, लौह अयस्क का एक, बेस मेटल का एक और तांबा का एक ब्लॉक शामिल है.
सबसे महत्वपूर्ण ब्लॉकों में पश्चिमी सिंहभूम का घाटकुड़ी लौह अयस्क ब्लॉक, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां के स्वर्ण (गोल्ड) ब्लॉक और गिरिडीह का तांबा ब्लॉक शामिल है.
खनिज संपदा को राजस्व में बदलने की तैयारी
झारखंड देश के सबसे खनिज समृद्ध राज्यों में गिना जाता है. पिछले दस वर्षों में राज्य को खनन क्षेत्र से लगभग 95 हजार करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है. अब सरकार की कोशिश केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नए खनिज क्षेत्रों को व्यवसायिक खनन के लिए खोलकर राजस्व के नए स्रोत तैयार करने की है.
विशेष रूप से सोना और लौह अयस्क के ब्लॉकों की नीलामी पर उद्योग जगत की नजरें टिकी हुई हैं. यदि नीलामी प्रक्रिया सफल रहती है तो राज्य में बड़े निवेशकों की एंट्री होगी, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.
राजस्व लक्ष्य हासिल करने में मिलेगी मदद
खनन विभाग पिछले कई वर्षों से राजस्व लक्ष्य और वास्तविक प्राप्ति के बीच अंतर की चुनौती का सामना करता रहा है. ऐसे में नए ब्लॉकों की नीलामी से न केवल खनन गतिविधियों का विस्तार होगा बल्कि राज्य सरकार को राजस्व लक्ष्य हासिल करने में भी मदद मिलेगी.
निवेश और रोजगार दोनों को मिलेगा बढ़ावा
खनिज ब्लॉकों की नीलामी केवल राजस्व बढ़ाने का माध्यम नहीं होगी, बल्कि इससे खनन आधारित उद्योगों, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और स्थानीय रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी. सरकार को उम्मीद है कि नई खनन परियोजनाओं के शुरू होने से खनिज संपदा से समृद्ध क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी और स्थानीय स्तर पर विकास को नई गति मिलेगी.
जानें नीलामी के लिए तैयार 12 प्रमुख खनिज ब्लॉक: कहां हैं, कितना क्षेत्रफल और कौन-सा है खनिज
| क्रम |
खनिज |
खनिज/ब्लॉक |
खनिज क्षेत्रफल |
| 1 |
बरगंडा कॉपर ब्लॉक |
गिरिडीह तांबा |
0.89 वर्ग किमी |
| 2 |
हरिहरपुर-लेम-बिछा लाइमस्टोन ब्लॉक-I |
रामगढ़ चूना पत्थर |
179.97 हेक्टेयर |
| 3 |
हरिहरपुर-लेम-बिछा लाइमस्टोन ब्लॉक-II |
रामगढ़ चूना पत्थर |
373.24 हेक्टेयर |
| 4 |
पियारतांड़ लाइमस्टोन ब्लॉक |
रांची चूना पत्थर |
37.33 हेक्टेयर |
| 5 |
गनसासर-लुप्पी बेस मेटल ब्लॉक |
गिरिडीह बेस मेटल |
10.77 वर्ग किमी |
| 6 |
भितरदारी ब्लॉक |
पूर्वी सिंहभूम सोना |
0.12 वर्ग किमी |
| 7 |
नेतोमिल-साना सियाजंग-जोजोदिह ब्लॉक |
पूर्वी सिंहभूम सोना एवं सहयुक्त खनिज |
2.80 वर्ग किमी |
| 8 |
हाबेन-सेमा गोल्ड ब्लॉक |
सरायकेला-खरसावां सोना |
6.60 वर्ग किमी |
| 9 |
बिटापुर-सोकांदिह गोल्ड ब्लॉक |
सरायकेला-खरसावां सोना |
15 वर्ग किमी |
| 10 |
रामपुर-कासीदिह गोल्ड ब्लॉक |
सरायकेला-खरसावां सोना |
15 वर्ग किमी |
| 11 |
घाटकुड़ी लौह अयस्क ब्लॉक-II |
पश्चिमी सिंहभूम लौह अयस्क (हेमेटाइट) |
138.85 हेक्टेयर |
| 12 |
चुरी लाइमस्टोन ब्लॉक |
रांची चूना पत्थर |
27.52 हेक्टेयर |
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