Ranchi/Simdega: लोहरदगा में कथित सीटीओ (कंसेंट टू ऑपरेट) अनियमितता मामले में सिमडेगा के जिला खनन पदाधिकारी (DMO) महेंद्र प्रसाद की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) इस मामले में उनसे जल्द पूछताछ कर सकती है. सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए महेंद्र प्रसाद ने अग्रिम जमानत (एंटीसिपेटरी बेल) के लिए झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.
गौरतलब है कि वर्ष 2025 में लोहरदगा में पदस्थापित तत्कालीन सहायक खनन पदाधिकारी महेंद्र प्रसाद के खिलाफ ACB में मामला दर्ज किया गया था. जांच के दौरान आरोप सामने आया कि उन्होंने मेसर्स हिंडाल्को कंपनी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कंसेंट टू ऑपरेट (CTO) की अवधि बढ़ा दी थी.
जांच में ACB को पता चला कि झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी CTO की वैधता 18 जून 2026 तक थी. कंपनी ने अवधि विस्तार के लिए आवेदन तो दिया था, लेकिन उस पर बोर्ड की ओर से कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया था. इसके बावजूद महेंद्र प्रसाद ने अपने स्तर से तीन माह के लिए CTO की अवधि बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया और बाद में निदेशक, खान से अनुमोदन प्राप्त करने का प्रयास किया.
ACB की जांच में यह भी सामने आया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड या किसी अन्य सक्षम प्राधिकरण ने सहायक खनन पदाधिकारी को CTO जारी करने या उसकी अवधि बढ़ाने का अधिकार नहीं दिया था. मामले को गंभीर मानते हुए तत्कालीन निदेशक, खान ने महेंद्र प्रसाद को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था.
जांच एजेंसी को संदेह है कि आरोपी अधिकारी ने पद का दुरुपयोग कर निजी कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने का प्रयास किया. मामले में अभियोजन की स्वीकृति भी प्राप्त की जा चुकी है और ACB अब आरोपी से पूछताछ कर आगे के साक्ष्य जुटाने की तैयारी में है. सूत्रों का कहना है कि जांच की प्रगति के आधार पर आगे कड़ी कार्रवाई की जा सकती है.
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