Ranchi: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के एक बयान ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है. भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व सांसद गीता कोड़ा और पार्टी की महिला प्रवक्ता राफिया नाज ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की है कि इरफान अंसारी को तत्काल मंत्रिमंडल से बाहर किया जाए.
दरअसल यह मामला राज्यसभा चुनाव के दौरान रांची में एक विभागीय कार्यक्रम के बाद मीडिया से हुई बातचीत का है. निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवानी के नामांकन को लेकर टिप्पणी करते हुए इरफान अंसारी ने कहा था कि उस दौरान भाजपा की महिला विधायकों का चेहरा भी खूब चमक रहा था. इस बयान को भाजपा ने महिलाओं के अपमान के रूप में लिया और पार्टी की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई.
गीता कोड़ा ने कहा कि इरफान अंसारी इस तरह की टिप्पणी पहली बार नहीं कर रहे. इससे पहले भी वे महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक बयान दे चुके हैं. उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति खुद स्वास्थ्य मंत्री हो, वह इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करे तो यह सिर्फ उनकी नहीं बल्कि पूरी सरकार की सोच को उजागर करता है.
वहीं राफिया नाज ने इरफान अंसारी पर और भी तीखे शब्दों में हमला बोला. उन्होंने कहा कि योग को लेकर भी मंत्री पहले अपमानजनक बयान दे चुके हैं. राफिया नाज ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने अतीत में राष्ट्रपति के खिलाफ भी अनुचित भाषा का प्रयोग किया था और यह सिलसिला थम नहीं रहा. उन्होंने मांग की कि इरफान अंसारी को रिनपास में भर्ती कराया जाए क्योंकि उनका मानसिक संतुलन ठीक नहीं लगता.
दोनों नेताओं ने यह भी कहा कि भाजपा की जनजातीय और अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाली महिलाएं इस बयान को बर्दाश्त नहीं करेंगी और जब तक मंत्री को बर्खास्त नहीं किया जाता, पार्टी इस मुद्दे को जिंदा रखेगी.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.
Leave a Comment