Dhanbad: कतरास थाना क्षेत्र के छाताबाद में एक महीने के भीतर दो बार हुए भूधंसान ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. 6 अगस्त को हुए भूधंसान में करीब 20 घर जमींदोज हो गए. घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी प्रभावित इलाके में बीसीसीएल (BCCL) द्वारा राहत और बचाव कार्य शुरू न किए जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है.
घटनास्थल पर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री
मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी रविवार को छाताबाद पहुंचे. उन्होंने प्रभावित स्थल का जायजा लेकर स्थानीय लोगों से पूरी घटना की जानकारी ली. ग्रामीणों ने मंत्री के सामने अपने क्षतिग्रस्त घरों, सुरक्षा और पुनर्वास से जुड़ी गंभीर समस्याएं रखीं.
इसके बाद मंत्री STG आउटसोर्सिंग कंपनी परिसर में चल रहे धरना स्थल पर पहुंचे. उन्होंने आंदोलनरत लोगों से बातचीत कर उनके प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया.
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BCCL और CISF पर जताई सख्त नाराजगी
स्वास्थ्य मंत्री ने मौके पर बीसीसीएल की कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताया. उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों की परेशानी को गंभीरता से लेने की जरूरत है. बीसीसीएल को नसीहत देते हुए मंत्री ने कहा कि कोयला सिर्फ केंद्र सरकार या बीसीसीएल का नहीं बल्कि स्थानीय लोगों और रैयतों का भी है.
उन्होंने यह भी जोड़ा कि स्थानीय लोगों को डराने के लिए बंदूक के बल पर CISF की तैनाती नहीं की जानी चाहिए. जब तक प्रभावित लोगों की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती तब तक धरना जारी रहेगा.
मुआवजा नहीं मिला तो आपदा प्रबंधन से मिलेगा आशियाना
मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि छाताबाद की घटना बेहद दुखद है हालांकि राहत की बात यह है कि इसमें किसी की जान नहीं गई. उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायक और सांसद को भी आगे आकर पीड़ितों की मदद करनी चाहिए.
उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि कोई प्रभावितों का साथ नहीं देगा तो भी इरफान अंसारी उनके हक के लिए खड़ा रहेगा. अगर बीसीसीएल प्रभावित परिवारों को मुआवजा नहीं देती है तो आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से उनके पुनर्वास और आशियाने की व्यवस्था की जाएगी.
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