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Dhanbad News : धनबाद में पुलिसिंग होगी और प्रभावी, 840 अधिकारियों को मिलेगा प्रशिक्षण

एसएसपी ने बताया कि जिले के 840 अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा. जिले में वर्तमान में करीब 340 सब-इंस्पेक्टर व 500 सहायक सब-इंस्पेक्टर कार्यरत हैं. पहले चरण में एसआई स्तर के अधिकारियों को बैचवार प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
 
प्रशिक्षण कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों को जानकारी देते एसएसपी प्रभात कुमार व अन्य.

Dhanbad : धनबाद में पुलिसिंग को अधिक प्रभावी व जवाबदेह बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने नई पहल शुरू की है. पुलिस केंद्र में मंगलवार से विशेष ब्रीफिंग कार्यशाला शुरू की गई, जिसमें जिले के एसआई व एएसआई स्तर के अधिकारियों को सीधे प्रशिक्षण व आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं. इस पहल का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों तक वरीय अधिकारियों के निर्देशों को बिना किसी मध्यवर्ती स्तर के सीधे पहुंचाना और उनके प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है.


कार्यशाला के पहले दिन सब-इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया. इस दौरान एसएसपी प्रभात कुमार, सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव व ग्रामीण एसपी एस मोहम्मद याकूब मौजूद रहे. इन्होंने अधिकारियों को विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन दिया. एसएसपी ने बताया कि जिले के 840 अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा. जिले में वर्तमान में करीब 340 सब-इंस्पेक्टर व 500 सहायक सब-इंस्पेक्टर कार्यरत हैं. पहले चरण में एसआई स्तर के अधिकारियों को बैचवार प्रशिक्षण दिया जा रहा है. पांच दिन बाद एएसआई स्तर के अधिकारियों के लिए भी कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी.

 

 


अब सीधे मिलेगा मार्गदर्शन, बढ़ेगी जवाबदेही

 

एसएसपी ने बताया कि अब तक पुलिस विभाग में डीएसपी, सर्किल इंस्पेक्टर और थाना प्रभारी स्तर के अधिकारियों को ब्रीफिंग दी जाती थी, जो आगे अपने अधीनस्थ अधिकारियों व जवानों तक निर्देश पहुंचाते थे. लेकिन नई व्यवस्था के तहत अब सब-इंस्पेक्टर और सहायक सब-इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों को सीधे ब्रीफ किया जाएगा जिससे निर्देशों के क्रियान्वयन में स्पष्टता आएगी और जवाबदेही भी बढ़ेगी.
उन्होंने कहा कि किसी भी थाना या पुलिस इकाई में एसआई और एएसआई स्तर के अधिकारी ही आम जनता से सबसे अधिक संपर्क में रहते हैं. इसलिए उनके कार्यों की गुणवत्ता और व्यवहार का सीधा प्रभाव पुलिस की छवि पर पड़ता है.इसी को ध्यान में रखते हुए उन्हें सीधे प्रशिक्षित करने का निर्णय लिया गया है.

 

अपराध नियंत्रण से लेकर जनसंपर्क तक पर जोर

 

विशेष कार्यशाला में कानून-व्यवस्था की स्थिति को बेहतर बनाए रखने, अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निष्पादन, अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार, साइबर अपराधों की रोकथाम, जनता के साथ संवेदनशील व्यवहार, महिला एवं बच्चों से जुड़े मामलों में सतर्कता तथा ड्यूटी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है. इसके अलावा ट्रैफिक प्रबंधन, आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग तथा पुलिस की कार्यशैली में पारदर्शिता बढ़ाने जैसे विषयों पर भी अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है.

 

 

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