Dhanbad : झरिया के जामाडोबा स्थित पीटीआई में शुक्रवार को चार नई श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स) के प्रभावी कार्यान्वयन को लेकर इंटरैक्टिव कार्यशाला व जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को नई श्रम संहिताओं के प्रमुख प्रावधानों, उनके व्यावहारिक प्रभावों और श्रम कानूनों में हुए बदलावों के प्रति जागरूक करना था.

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कार्यशाला का संचालन धनबाद के उप मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) सुमित ने किया. उन्होंने चारों नई श्रम संहिताओं के उद्देश्य, प्रमुख प्रावधानों और उद्योगों पर उनके प्रभावों की विस्तार से जानकारी दी.
उन्होंने कहा कि नई श्रम संहिताओं का उद्देश्य श्रम कानूनों को सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है जिससे उद्योगों और श्रमिकों दोनों को लाभ मिल सके. कार्यशाला के बाद धनबाद के क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय) अभिनव तिवारी व सहायक श्रम आयुक्त (केंद्रीय) राहुल कुमार ने संवादात्मक चर्चा और प्रश्नोत्तर सत्र का संचालन किया.
इस दौरान नई श्रम संहिताओं के व्यावहारिक अनुप्रयोग, रोजगार की शर्तों, प्रतिष्ठानों के पंजीकरण व लाइसेंसिंग, नियोक्ताओं व ठेकेदारों की अनुपालन संबंधी जिम्मेदारियों और अन्य वैधानिक प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा हुई. सत्र में झरिया व कतरास क्षेत्र के इंस्पेक्टर-कम-फैसिलिटेटर्स भी उपस्थित रहे. प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया.
प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने श्रम संहिताओं के अनुपालन से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों और विभिन्न प्रक्रियाओं को लेकर सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से उत्तर दिया. कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों को नई श्रम संहिताओं के तहत आवश्यक कानूनी प्रावधानों और अनुपालन संबंधी अपेक्षाओं की बेहतर समझ प्राप्त हुई.
कार्यक्रम में टाटा स्टील झरिया डिवीजन, सिजुआ ग्रुप के चीफ विकास कुमार, विभिन्न फैक्ट्री प्रबंधक, विभागाध्यक्ष, एचआर बिजनेस पार्टनर्स, अधिकारी, ठेकेदार और यूनियन प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.
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