Dhanbad News : सिंफर में मंगलवार को CSIR का 85वां स्थापना दिवस मनाया गया. समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डीजीएमएस के महानिदेशक रवींद्र टी. मांडेककर शरीक हुए. उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए विज्ञान व तकनीक आधारित समाधान पर जोर दिया. कहा कि वैश्विक, सामाजिक और औद्योगिक स्तर पर सामने आ रही चुनौतियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण और आधुनिक तकनीक से कम करने की जरूरत है.
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उन्होंने खनन क्षेत्र में सुरक्षा को प्रमुख चुनौती बताते हुए कहा कि डीजीएमएस के करीब 100 वर्षों के इतिहास में कोयला, तेल और धातु खदानों में दुर्घटनाओं को कम करने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं. अब लक्ष्य सिर्फ दुर्घटनाओं की संख्या कम करना नहीं, बल्कि जीरो हार्म की दिशा में आगे बढ़ना होगा. डीजीएमएस ने इस पर काम शुरू कर दिया है.
अपने संबोधन में उन्होंने पर्यावरण, समाज और शासन को विकसित भारत की बुनियाद बताते हुए कहा कि इन तीनों क्षेत्रों में संतुलित और समान विकास जरूरी है. केवल आर्थिक प्रगति या GDP में वृद्धि से देश को दीर्घकालिक मजबूती नहीं मिल सकती. पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक विकास और बेहतर शासन व्यवस्था को साथ लेकर चलना होगा.
समारोह में CSIR और CSIR-सिंफर की 85 वर्षों की उपलब्धियों व देश के औद्योगिक विकास में योगदान पर भी चर्चा हुई. सिंफर के निदेशक प्रो. अरविंद कुमार मिश्रा ने कहा कि आने वाले समय में माइनिंग सेक्टर की जटिल चुनौतियों का समाधान शोध, नवाचार और आधुनिक तकनीक के जरिए करना होगा. कार्यक्रम में इस बात पर जोर रहा कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक नवाचार के साथ पर्यावरण, समाज और सुशासन के बीच संतुलन कायम करके ही विकास को टिकाऊ बनाया जा सकता है.
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