Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) की स्थापना झारखंड अलग राज्य के आंदोलन को मजबूत करने और स्थानीय लोगों, खास कर आदिवासियों को उनका हक दिलाने के नाम पर हुई थी. पार्टी सुप्रीमो शिबू सोरेन ने जल-जंगल-जमीन की लड़ाई को झारखंड आंदोलन का मुख्य हथियार बनाया था और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन पर अंकुश लगाने के लिए लगातार लड़ाई लड़ी थी. वह विचारधारा और सोच अब पार्टी में नहीं दिखती. पार्टी के कई नेता जल-जंगल-जमीन की लड़ाई और आदिवासियों और स्थानीयों को उनका हक दिलाने की लड़ाई छोड़ कर कोयला तस्करी और जमीन खरीद-बिक्री के धंधे लग गए हैं. आदिवासी अस्मिता को आधार मानने वाली पार्टी के एक नेता पर आदिवासी महिला को धमकी देने, जमीन कब्ज़ा करने के लिए धमकाने के आरोप हैं. देबू महतो : पार्टी में झारखंड आंदोलन के समय से सक्रिय रहे देबू महतो पार्टी में महानगर अध्यक्ष बने. फिर प्रदेश कार्यसमिति सदस्य व केंद्रीय समिति के सदस्य के रूप में भी खास पहचान बनाई. उन्हीं पर मार्च 2022 में आदिवासी महिला को धमकाने का आरोप लगा. कोरोना काल में राज्य कर विभाग के सहायक आयुक्त के क्वार्टर पर कब्जा करने के कारण पार्टी ने उन्हें शो कॉज किया और पद मुक्त कर दिया था. हालांकि वह अब भी पार्टी में बने हुए हैं. इसके पहले भी उन पर पार्टी के विजय जुलूस में लाइसेंसी हथियार लहराने और एसपी ऑफिस के सामने हवाई फायरिंग करने का आरोप लग चुका है. रतिलाल टूडू : बाघमारा के प्रखंड अध्यक्ष रतिलाल टूडू पर मारपीट और कोयला चोरी जैसे आरोप हैं, जहां झारखंड मुक्ति मोर्चा प्राकृतिक संसाधनों के अति दोहन के हमेशा खिलाफ रहा है, वहीं रतिलाल टूडू कतरास क्षेत्र में कोयला के अवैध कारोबार में भी नाम कमा चुके हैं. इन आरोपों में वह जेल यात्रा भी कर चुके हैं. साइडिंग में इनके समर्थक आए दिन मारपीट जैसी घटना में संलिप्त रहते हैं. गरीब-गुरबा की पार्टी के नेता विचारधारा के स्तर पर धन-दौलत और भोग-विलास के भक्त बन चुके हैं. उमा शंकर सिंह : झारखंड मुक्ति मोर्चा में सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में पहचान रखने वाले निरसा क्षेत्र के उमाशंकर सिंह पर भी कोयला चोरी को लेकर कई आरोप हैं. ऐसे मामले में वह एक-दो बार जेल भी जा चुके हैं. उनका बड़ा भाई शिवशंकर सिंह गुरुदास चटर्जी हत्याकांड का मुख्य आरोपी था. उम्रकैद की सजा काटने के बाद जेल से छूट चुके हैं. बता दें कि उमाशंकर सिंह टीएमसी के बैनर तले निरसा विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं. बाद में वह झामुमो में आ गए. निरसा क्षेत्र के कार्यक्रमों में उनकी सक्रियता देख कर लगता है कि पार्टी को उनसे कोई परेशानी नहीं है. मुकेश सिंह : मार्च 2021 में धनबाद जिले के आमाघाटा मौजा में अरबों रुपये के जमीन घोटाले में कई बड़े कारोबारियों का नाम आया था. उनमें नव दुर्गा कंस्ट्रक्शन का भी नाम था. कंपनी के मालिक मुकेश सिंह हैं, जो पार्टी में जिला उपाध्यक्ष हैं. फूलचंद मंडल : धनबाद क्षेत्र में कद्दावर नेता के रूप में पहचान रखने वाले फूलचंद मंडल अपने राजनीतिक करियर में कई पार्टियों में अपना दबदबा जमा चुके हैं. वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा को छोड़कर झारखंड मुक्ति मोर्चा का दामन थाम लिया था. उनके कोयला भट्ठा में अवैध कोयला खपाने की अफवाह लंबे समय से सोशल मीडिया में छाई रही है. हालांकि ये सभी आरोप ही रहे. कभी न कोई मामला बना, न कभी उन्हें अदालत या जेल जाने की नौबत आई. रमेश टुडू : झामुमो के धनबाद जिलाध्यक्ष रमेश टुडू ने इन सारे सवालों के जवाब में कहा कि ऐसा कोई भी मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है. यदि किसी पर आपराधिक मामले हैं तो उसे देखने के लिए पुलिस और प्रशासन है. यदि ऐसे मामले पार्टी के पास आएंगे तो जांच करने के बाद संबंधित दोषी व्यक्ति पर जरूर कार्रवाई की जाएगी,चाहे वह पार्टी में कितना भी बड़ा दायित्व रखता हो. यह भी पढ़ें: धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-under-nep-students-will-have-to-study-vocational-courses-along-with-general/">धनबाद
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