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धनबाद : दांडी चुआं से प्यास बुझाने को मजबूर गलफरबाड़ी मुंडाधौड़ा के लोग

Shesh Narayan Singh Maithon : एग्यारकुंड प्रखंड के गोपीनाथपुर पंचायत क्षेत्र के गलफरबाड़ी मुंडाधौड़ा भुइयां टोला व आदिवासी टोला के लोग भीषण गर्मी में पेयजल के लिए त्राहिमाम कर रहे हैं. यहां की करीब 200 की आबादी पूरी तरह दांडी चुआं के पानी पर निर्भर है. गांव में कुआं तो है, लेकिन गर्मी शुरू होने के साथ ही सूख गया. चापाकल भी खराब पड़ा है. धौड़ा से कुछ दूरी पर डीप बोरिंग की मिनी पानी टंकी तो है, लेकिन गर्मी में 50 परिवारों को भी पानी नहीं पीला पाता है. मुखिया से लेकर विधायक व स्थानीय प्रशासन जल संकट का समाधान नहीं निकालने में सभी फेल साबित हुए हैं. लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया है. ऐसे में यहां के लोगों ने धौड़ा के पास स्थित सूखा झिलिया नदी में गड्ढा खोदकर (दांडी चुआं) उसमें से पानी निकाल कर अपनी प्यास बुझाते हैं.

ग्रामीणों ने बताई अपनी पीड़ा

जब से होश संभाला है दांडी चुआं का ही पानी पी रहे हैं : महेन्द्र भुइयां

[caption id="attachment_648132" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/05/mahendra-bhuian-300x225.jpeg"

alt="" width="300" height="225" /> महेंद्र भुइयां[/caption] भुइयां टोला के 60 वर्षीय बुजुर्ग महेन्द्र भुइयां ने बताया कि मुझे जब से होश आया है तब से दांडी चुआं से पानी निकालते देख रहे हैं. बचपन में मैं यही समझता था कि पानी का यही एकमात्र साधन है. पूरे सालभर हमलोग चुआं से पानी निकाल कर अपना काम चलाते हैं. बरसात के दिनों में पानी को उबालकर पीने के उपयोग में लाते हैं.

सुबह-शाम दांडी चुआं पार पानी के लिए लगती है लाइन  : सरस्वती भुइयां

[caption id="attachment_648135" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/05/saraswati-devi-300x225.jpeg"

alt="" width="300" height="225" /> सरस्वती भुइयां[/caption] गांव की सरस्वती भुइयां ने बताया कि महिलाओं का सुबह-शाम एक ही काम होता है दांडी चुआं से पानी निकाल कर घर लाना. एक दांडी चुआं पर करीब 200 की आबादी निर्भर है. इसलिए लोगों को पानी निकालने के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है. कभी-कभी तो लंबी कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है. चुआं पर पानी लेने के लिए सुबह 5 बजे से ही कतार लग जाती है, जो दस बजे तक लगी रहती है. फिर, दोपहर बाद 3 बजे से शाम 7 बजे तक चुआं से पानी निकालकर घर लाते हैं.

जिम्मेदारों ने नहीं किया समस्या का समाधान : जिग्गी पंडया

[caption id="attachment_648137" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/05/jiggi-pandya-300x225.jpeg"

alt="" width="300" height="225" /> जिग्गी पांडया[/caption] धौड़ा की जिग्गी पांडया ने बताया कि गर्मी में आसपास के टोलों के लोग भी पानी लेने के लिए दांड़ी चुआं पर जाते हैं, जिससे पानी निकालने में काफी समय लग जाता है, लेकिन हमलोग किसी को पानी लेने से मना नहीं करते हैं. क्योकि यह सभी के लिए जरूरी है. हमारे टोला में मुख्य समस्या पानी की है, लेकिन जिम्मेदारों ने आज तक इसका समाधान नहीं किया.

चुनाव के समय दलों के नेता हर बार देते हैं आश्वासन : मालो देवी

[caption id="attachment_648139" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/05/malodevi-300x225.jpeg"

alt="" width="300" height="225" /> मालो देवी[/caption] गांव की मालो देवी ने बताया कि हर बार चुनाव के समय सभी दलों के नेता पानी की समस्या से निजात दिलाने का आश्वासन देते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही समस्या का हल करना तो दूर, कोई झांकने भी नहीं आता है. पानी के जुगाड़ में गांव की महिलाएं कोई दूसरा काम भी नहीं कर पाती हैं. पूरा समय दांडी चुआं से पानी निकालने में बीत जाता है. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-nirjala-ekadashi-fast-on-31st-many-auspicious-coincidences-are-being-made/">धनबाद

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