कांग्रेस के केंद्रीय सचिव ने केंद्र सरकार पर बोला तीखा हमला
Dhanbad : कांग्रेस के केंद्रीय सचिव रामकृष्ण ओझा ने नेशनल हेराल्ड मामले में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. धनबाद स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह से गांधी परिवार से सार्वजनिक माफी मांगने तथा अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की. साथ ही मनरेगा में किए जा रहे बदलावों को भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए उसका विरोध किया. बांग्लादेश में हालात को देखते हुए वहां पैरामिलिट्री फोर्स भेजने की मांग भी उठाई.
कांग्रेस नेता ने नेशनल हेराल्ड मामले पर कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने राजनीतिक लाभ के लिए गलत तथ्यों व झूठे आरोपों के सहारे गांधी परिवार को बदनाम करने का प्रयास किया. उन्होंने दावा किया कि कोर्ट के फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि इस मामले में कोई ठोस तथ्य नहीं है और इसे राजनीतिक बदले की भावना से उठाया गया था. इस पूरे प्रकरण के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को देश और गांधी परिवार से माफी मांगनी चाहिए तथा नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए.
मनरेगा को लेकर भी उन्होंने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. कहा कि सरकार ने नए विधेयक के जरिए मनरेगा के स्वरूप को तोड़-मरोड़ दिया है. यही नहीं योजना का नाम बदलने, गांधी जी का नाम हटाने और खर्च के अनुपात में बदलाव कर राज्यों पर अतिरिक्त बोझ डालने का प्रयास किया जा रहा है. पहले जहां केंद्र सरकार 90 प्रतिशत खर्च वहन करती थी, अब राज्यों से 40 प्रतिशत योगदान की बात की जा रही है. ग्राम सभा के अधिकार भी छीने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि 125 दिन तो बस बहाना है, असली मकसद गांधी जी का नाम हटाना और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना है.
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित हमलों को लेकर रामकृष्ण ओझा ने कहा कि केवल बयानबाजी या देश में प्रदर्शन करने से समस्या का समाधान नहीं होगा. उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि वहां स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पैरामिलिट्री फोर्स भेजी जाए, ताकि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके. उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन सभी मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेगी और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से संसद तक आवाज उठाएगी.
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