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धनबाद : कुड़मी समाज का रेल रोको आंदोलन समाप्त, 25 सितंबर को रांची में मुख्य सचिव के साथ होगी बैठक

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गोमो जंक्शन में पटरी पर घंटो डटे रहे आंदोलनकारी, रोकी ट्रेनें, विशाल जुलूस के साथ दिखायी ताकत Topchanchi/Gomoh : कुड़मी समाज के मांगों को लेकर आगामी 25 सितंबर को रांची में कुड़मी समाज के प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक होगी. बैठक में झारखंड सरकार के मुख्य सचिव व जनजातीय अनुसंधान संस्थान (टीआरआई) रांची के निदेशक ख़ास तौर पर मौजूद रहेंगे. इसी आश्वासन के बाद कुड़मी समाज ने बुधवार को रेल रोको आंदोलन वापस ले लिया. इस तरह घंटो की जद्दोजहद के बाद जिला प्रशासन कुड़मी समाज के नेताओं को मनाने में कामयाब रहा. गोमों स्टेशन में आंदोलन की अगुवाई कर रहे कुड़मी समाज के नेता अजीत महतो, मन्टू महतो, हलधर महतो व अन्य के साथ अपर जिला दंडाधिकारी कमलाकांत गुप्ता ने वार्ता की. [caption id="attachment_763347" align="alignnone" width="272"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/09/RAIL-ROKO-1-1-272x153.jpg"

alt="" width="272" height="153" /> पटरी पर बैठे कुड़मी समाज के प्रदर्शनकारी[/caption]

वार्ता के बाद पर अपर जिला दंडाधिकारी ने दी बैठक की जानकारी

वार्ता के बाद पत्रकारों को जानकारी देते हुए अपर जिला दंडाधिकारी कमलाकांत गुप्ता ने बताया कि आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कुड़मी समाज के नेताओं के साथ उन्होंने वार्ता की. जिसमें तय किया गया कि आगामी 25 सितंबर सोमवार की सुबह 10:30 से 11:00 बजे तक मुख्य सचिव के साथ बैठक होगी. बैठक में निदेशक टीआरआई रांची उपस्थित होंगे. बैठक के बाद अजीत महतो व मन्टू महतो ने लाउडस्पीकर पर आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की. जिसके बाद सभी आंदोलनकारी धीरे-धीरे पटरी से उठकर वापस घरों को लौट गए. [caption id="attachment_763191" align="alignnone" width="272"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/09/KURMI-1-272x153.jpg"

alt="" width="272" height="153" /> गोमो जंक्शन में रेलवे ट्रैक पर जमे आंदोलनकारी[/caption]

आंदोलन के बहाने पटरियों पर किया शक्ति प्रदर्शन

इससे पहले अनुसूचित जनजाति में शामिल किए जाने की मांग को लेकर बुधवार 20 सितंबर को हजारों की संख्या में कुड़मी समाज के लोग गोमो जंक्शन पहुंचे और ट्रेनों का चक्का जाम कर "रेल रोका डहर छेंका" आंदोलन का आगाज़ किया. तोपचांची थाना क्षेत्र के भुंइया चितरो में सुबह से ही आंदोलनकारियों का जुटान शुरू हुआ. जिसके बाद एक विशाल जुलूस गोमो जंक्शन की ओर बढ़ा. खेशमी के रेलवे ओवरब्रिज के सामने पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया. लेकिन भीड़ के आगे पुलिस ने हाथ खड़े कर दिये. जुलूस को गोमो के रेलवे ओवरब्रिज के नीचे गुरूद्वारा के सामने फिर से रोकने की कोशिश की गई. लेकिन यहां भी पुलिस पस्त हो गई. [caption id="attachment_763189" align="alignnone" width="272"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/09/POLICE-BARICADING-1-272x153.jpg"

alt="" width="272" height="153" /> पुलिस की घेराबंदी तोड़कर निकलते आंदोलनकारी[/caption] गोमो जंक्शन मे दाखिल होने के दौरान आंदोलनकारियों व पुलिसकर्मियों के बीच बीच धक्का मुक्की भी हुई. हालांकि सुरक्षाबलों के घेरा को तोड़ते हुए आंदोलनकारी गोमो स्टेशन में दाखिल हुए. सैंकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी प्लेटफार्म संख्या 4 पर खड़ी गोमो बरवाडीह डेहरी स्पेशल सवारी ट्रेन के आगे पटरी पर बैठ गए. प्लेटफार्म संख्या 2, 3 और 4 में प्रदर्शनकारी बैठ कर मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करते रहे. कुछ आंदोलनकारी अपने हाथ में पारम्परिक हथियार लेकर आंदोलन में शामिल हए.

धारा 144 के कारण गोमो बाजार की अधिकांश दुकानें रहीं बंद

आंदोलन को देखते हुए प्रशासन की ओर से तोपचांची अंचल के हरिहरपुर थाना क्षेत्र में मध्य रात्रि से धारा 144 लागू किया गया था. जिसके कारण बुधवार सुबह से ही गोमो बाजार की अधिकांश दुकानें बंद दिखीं. आंदोलन के दरम्यान असामान्य स्थिति से निपटने के लिए गोमो जंक्शन के बाहर एक दमकल की गाड़ी खड़ी की गई थी. [caption id="attachment_763195" align="alignnone" width="272"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/09/KURMI-3-272x153.jpg"

alt="" width="272" height="153" /> गोमो जंक्शन में रेलवे ट्रैक पर जमे आंदोलनकारी[/caption]

रेलवे ट्रैक पर ही किया झूमर, पारंपरिक हथियार के साथ पहुंचे कुछ आंदोलनकारी

आंदोलनकारी गोमो जंक्शन के प्लेटफार्म पर ढोल, नगाड़ा, मांदर लेकर पहुंचे. प्लेटफार्म पर आंदोलनकारी झूमर करते हुए नजर आए. आंदोलनकारियों ने पारम्परिक गीत व नृत्य करते भी दिखे.

सरकार बात नहीं करेगी, तो आंदोलन खत्म नहीं होगा : अजीत महतो

टाइगर अजीत महतो ने कहा कि आंदोलन में मुकदमों से नहीं डरते हैं. पुलिस प्रशासन की संख्या बल अधिक है. लेकिन हम अपने संवैधानिक अधिकारों की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. यह अनिश्चितकालीन आंदोलन है. जब तक हमारी वार्ता केन्द्र या राज्य सरकार के नुमाइंदों से नहीं हो जाती है, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा. यह">https://lagatar.in/dhanbad-agyarkund-block-chief-throws-health-department-official-out-of-the-meeting/">यह

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