सिंदरी में तीसरी बार हुई है ऐसी घटना
एक सवाल के जवाब में मासस के केंद्रीय अध्यक्ष ऐसी घटना को अप्रिय बताते हुए कहा कि प्रशासन को गंभीरता से जांच करनी चाहिए कि आखिर सिंदरी में इस तरह की घटना क्यों हो रही है. यहां ऐसी घटना तीसरी बार हुई है. 1980 में ठेकेदार और ठेका मजदूरों को लेकर, फिर बीच में बिरसा की मूर्ति के खंडन पर और अब 25 अगस्त को ग्रामीणों के साथ मारपीट को लेकर. कुछ लोगों द्वारा इस घटना को क्षेत्रीय तनाव का रूप देने का प्रयास किया जा रहा है, जो समाज को अशांत करता है.पुलिस की कार्रवाई नहीं होने से आक्रोश
प्रशासन को शांतिपूर्ण ढंग से पता करना चाहिए कि इन घटनाओं का सूत्रधार कौन है. सही समय पर पुलिस द्वारा उचित कार्रवाई नहीं किया जाना भी आक्रोश का बिंदु बन जाता है. इस घटना से पहले 22 अगस्त को जब गांव के लड़कों को सिंदरी में गुंडा प्रवृत्ति के लोगों ने गंभीर रूप से पीटा तो पुलिस ने ग्रामीणों को अस्पताल पहुंचाया. उनकी बाइक जब्त की गई. अगर पुलिस ने घायलों का बयान लेकर उचित कार्रवाई की होती तो तनाव की स्थिति पैदा नहीं होती.संतुलित व निष्पक्ष कार्रवाई की जरूरत
उन्होंने कहा कि सिंदरी की घटना में लक्की सिंह की क्या भूमिका है, यह भी पुलिस जांच करे. समाज और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए जरूरी है कि किसी भी मामले में पुलिस धैर्य पूर्वक संतुलित व निष्पक्ष कार्रवाई करे. उन्होंने भौंरा ओपी प्रभारी हिमांशु कुमार के स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की. यह भी पढ़ें: धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-smoke-started-emanating-from-the-train-panic-among-passengers/">धनबाद:ट्रेन से निकलने लगा धुआं, यात्रियों में मची अफरा तफरी [wpse_comments_template]

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