ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों का भी यही हाल
बता दें कि बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के अंतर्गत 6 अस्थाई संबद्धता प्राप्त डिग्री कॉलेज हैं, जिनमें शिबू सोरेन डिग्री कॉलेज टुंडी, महुदा डिग्री कॉलेज और कोलफील्ड कॉलेज भागा है. बोकारो क्षेत्र में एनपी संध्याकालीन कॉलेज चीरा चास, बोकारो थर्मल संध्याकालीन कॉलेज और माहिंदी बाउरी डिग्री कॉलेज चंदनकियारी है. इसके अलावा डिगवाडीह और गोमिया में एक-एक मॉडल कॉलेज प्रस्तावित है, जिसमें इसी साल से पढ़ाई शुरू होनेवाली थी, जो नहीं हो सकी. इन विद्यार्थियों को अब यूजी की पढ़ाई के लिए किसी दूरस्थ डिग्री कॉलेज में नामांकन कराना होगा.बीबीएमकेयू ने सरकार को भेजा प्रोपोजल
बता दें कि बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से छह अस्थाई कॉलेजों को अब तक संबद्धता नहीं मिल सकी है. इस वजह से इन कॉलेजों में नामांकन की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी. बीबीएमकेयू के रजिस्ट्रार डॉ विकास कुमार ने बताया कि ऐसे कॉलेजों को एक सत्र के लिए मान्यता प्रत्येक साल दी जाती है. विश्वविद्यालय सरकार के निर्देश की प्रतीक्षा कर रहा है.नई शिक्षा नीति के कारण फंसा है मामला
बता दें कि नई शिक्षा नीति-2020 को इस वर्ष से बीबीएमकेयू ने सभी कॉलेजों में लागू कर दिया है. अब सभी कॉलेजों में दर्जनों व्यावसायिक कोर्स शुरू करना है. अस्थाई संबद्धता प्राप्त कॉलेजों की आधारभूत संरचना को नई शिक्षा नीति के अनुकूल नहीं माना जा रहा है. इसीलिए सरकार की ओर से उकी संबद्धता पर विचार नहीं किया गया है. हालांकि खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है. यह भी पढ़ें: धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-son-of-a-railway-worker-in-gomo-killed-the-dacoits-who-entered-the-house/">धनबाद: गोमो में रेलकर्मी के पुत्र ने घर घुस आए डकैतों को मार भगाया [wpse_comments_template]

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