डीसी ने यह भी कहा कि सड़क किनारे लगने वाले ठेले-खोमचे एवं स्ट्रीट वेंडर्स को व्यवस्थित करने से न केवल यातायात व्यवस्था दुरुस्त होगी बल्कि शहर अधिक स्वच्छ और आकर्षक भी दिखेगा. उन्होंने पुलिस लाइन, धैया रानी बांध, हीरापुर हटिया, स्टील गेट, एसएनएमएमसीएच, श्रम नियोजन कार्यालय, रणधीर वर्मा चौक, कार्मल स्कूल (झारुडीह), बिनोद बिहारी चौक, जोड़ा फाटक, भूइंफोड़ मंदिर, केंदुआ बाजार, निरसा बाजार, गोविंदपुर, बरवाअड्डा और किसान चौक सहित कई स्थानों पर वेंडिंग जोन बनाने के लिए स्थल चयनित करने का निर्देश दिया.
बैठक में स्ट्रीट वेंडर्स के प्रतिनिधियों ने भी कई समस्याएं उठाईं. उन्होंने बताया कि स्टेशन रोड से गया पुल अंडरपास तक 1982 में बनी नाली पर दुकानदारों ने अवैध कब्जा कर लिया है. जिससे नाली की सफाई नहीं हो पाती और अंडरपास में पानी भर जाता है. इसी तरह डीआरएम चौक से धनबाद रेलवे स्टेशन तक एनएच की जमीन पर आरपीएफ द्वारा अतिक्रमण किए जाने और बैंक मोड़ सेंटर पॉइंट मॉल के अवैध कब्जे की शिकायत भी की गई.उपायुक्त ने सभी मामलों की जांच कर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया.
बैठक में नगर आयुक्त रवि राज शर्मा, अपर नगर आयुक्त कमलेश्वर नारायण, सहायक नगर आयुक्त प्रसून कौशिक, प्रकाश कुमार, धनबाद सीओ राम प्रवेश, डीसीपी ट्रैफिक अरविंद कुमार सिंह, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं स्ट्रीट वेंडर्स प्रतिनिधि रामनाथ सिंह, टुन्ना सिंह, श्यामल मजूमदार, समीर दत्ता व प्रियंका सहित अन्य लोग मौजूद थे.
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