Ranchi : केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की की अगुवाई में बुधवार को सिरम टोली सरना स्थल पर सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों और सरना समिति से जुड़े लोगों की बैठक हुई. बैठक में अजय तिर्की, ग्लैडसन डुंगडुंग, अलविन लकड़ा, प्रवीण कच्छप, प्रताप कुशवाहा और संगीता तिर्की ने मीडिया को संबोधित किया.
नेताओं ने कहा कि कुड़मी समुदाय बार-बार आदिवासी का दर्जा (एसटी) मांगकर आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों पर डाका डाल रहा है. यह आदिवासियों के अस्तित्व पर हमला है. अजय तिर्की ने कहा कि अगर कुड़मी समाज अधिकार छीनने की कोशिश करेगा तो आदिवासी समाज चुप नहीं बैठेगा, पारंपरिक हथियार उठाकर विरोध करेगा.
प़चपरगना से प्रताप कुशवाहा ने कहा कि ‘कुरमी’ शब्द नया गढ़ा गया है और चुनाव आते ही यह समुदाय आंदोलन खड़ा करता है. ग्लैडसन डुंगडुंग ने याद दिलाया कि कुड़मी समाज ने पहले भी पेसा कानून का विरोध किया था और हमेशा से आदिवासी हक को कमजोर करने का काम किया है.
आदिवासी अस्त्तित्व बचाव संगठन बनाया गया
नेताओं ने कहा कि कुड़मी समुदाय द्वारा एसटी मांग का विरोध करने के लिए आदिवासी अस्त्तित्व बचाव संगठन द्वारा विरोध करने का निर्णय लिया गया है. लोगों ने कहा जरूरत पड़ी तो झारखंड बंद का आह्वान किया जाएगा.14 सितम्बर को बाइक रैली निकालकर कुड़मी समाज की मांग के खिलाफ बड़ा विरोध दर्ज कराया जाएगा. वक्ताओं ने कहा कि रेल रोकना संवैधानिक अधिकार नहीं है और सरकार को गुमराह करने की साजिश आदिवासी समाज बर्दाश्त नहीं करेगा.
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