मकानों की बिक्री में ये है अड़चन
हाउसिंग बोर्ड के एचआईजी ग्रुप के 17 मकान हैं. 2100 स्क्वायर फीट में बने इन मकानों में चार कमरे, एक हॉल तथा वाहन पार्किंग की भी सुविधा है. बोर्ड ने इसकी कीमत 56 लाख रुपये रखी है. एमआइजी ग्रुप के 12-12 मकान हैं, जिसमें दो रुम, एक हॉल व पार्किंग की सुविधा है, कीमत है 38 लाख रुपये. जनता 4 व आईएसएचए ग्रुप के 35 मकान में रूम के अलावा अन्य कोई सुविधा नहीं है. मकान भी जर्जर है, जिसकी कीमत लगभग 15 लाख रुपये रखी गई है. इसके अलावा चार आरसी प्लॉट खाली हैं.मकान खरीदने के बाद भी है झंझट
बोर्ड के कर्मचारी बताते हैं कि खरीदे गए मकान की कीमत 10 साल बाद बढ़ जाती है. इसके बाद मकान किसी अन्य व्यक्ति को बेचना है तो बिक्री की रकम की 50 प्रतिशत राशि हाउसिंग बोर्ड को चुकानी पड़ेगी. तभी खरीदार के नाम वह मकान होगा. 99 साल का लीज खत्म हो जाने के बाद उस वक्त का जो वैल्यू रहेगा, उसका एक प्रतिशत जमा करने पर रिन्युअल करने का प्रावधान है.दिलचस्पी घटने के और भी हैं कारण
शहर में 10 से 15 लाख के बीच आसानी से 2 बीएचके का फ्लैट मिल रहा है. 30 से 35 लाख रुपये में 3 बीएचके का फ्लैट मिल रहा है. कई बिल्डर सिंगल आवास भी कम कीमत पर देने का काम कर रहे हैं, जहां सभी आधुनिक सुविधाएं भी मिल रहीं हैं. ऐसी स्थिति में हाउसिंग बोर्ड का मकान खरीद कर पचड़े में कोई नहीं पड़ना चाहता है. यह भी पढ़ें: धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-villagers-troubled-by-accidents-on-national-highway-caused-road-jam/">धनबाद: नेशनल हाईवे पर दुर्घटनाओं से परेशान ग्रामीणों ने किया रोड जाम [wpse_comments_template]

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