Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) एसीआईसी आईआईटी-आईएसएम फाउंडेशन में "नो टू प्लास्टिक" कार्यक्रम के तहत आसपास की ग्रामीण महिलाओं एवं अन्य के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. शिविर की आयोजक आईआईटी आईएसएम की डॉ आकांक्षा सिन्हा ने बताया कि उनकी टीम ने प्लास्टिक के सबसे अच्छे विकल्प के रूप में जूट को चुना है. प्लास्टिक का इस्तेमाल कम कर पर्यावरण को संरक्षित करने के साथ ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी बनने के उद्देश्य से आज से आईआईटी आइएसएम में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया है. कार्यशाला में प्रतिभागियों को जूट से बने बैग, हैंडपर्स, ज्वेलरी और शोपीस बनाने की ट्रेनिंग दी जा रही है. कार्यशाला में महिलाओं को ट्रेनिंग देने के लिए झारखंड गवर्नमेंट की फैकल्टी ऑफ जूट की प्रीति सुमन को आमंत्रित किया गया है. वह दो दिनों तक आईआईटी-आईएसएम में रहकर इन ग्रामीण महिलाओं को ट्रेनिंग देंगी. कार्यशाला के आयोजन में कैमेलिया चौधरी, शानू राज और सोनाली का अहम योगदान रहा. शिविर में 20 प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें अधिकतर महिलाएं थी. यह भी पढ़ें: धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-cpi-ml-celebrates-dp-bakshis-death-anniversary-as-sankalp-diwas/">धनबाद:
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धनबाद: आईआईटी में जूट से बैग, हैंड पर्स, ज्वेलरी और शो पीस बनाने की ट्रेनिंग

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