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धनबाद : एके राय की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, सादगी और संघर्ष के प्रतीक को किया गया याद

Dhanbad: तीन बार सांसद और तीन बार विधायक रहे, ईमानदारी और त्याग के प्रतीक एके राय की छठी पुण्यतिथि पर सोमवार को उन्हें श्रद्धांजलि दी गई. इस अवसर पर नूतनडीह मोड़ स्थित केंद्रीय अस्पताल परिसर के समीप एके राय की प्रतिमा स्थल पर एके राय स्मारक समिति द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित की गयी. 

 

कार्यक्रम में निरसा विधायक अरुप चटर्जी, बगोदर विधायक बिनोद सिंह, समिति के अध्यक्ष हरिप्रसाद पप्पू, समाजसेवी, राजनीतिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे. सभी ने एके राय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. 

 

 

इस अवसर पर निरसा विधायक अरुप चटर्जी और बगोदर विधायक विनोद सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम केवल एक रस्मअदायगी नहीं, बल्कि एके राय के विचारों, संघर्षों और मूल्यों को स्मरण करने और उन्हें आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाने का गंभीर प्रयास है. उन्होंने कहा कि एके राय उन विरले जननेताओं में से थे जिन्होंने राजनीति को कभी सत्ता या लाभ का माध्यम नहीं, बल्कि जनसेवा का जरिया माना. 

 

 

वे आजीवन आम जनता के हक, मजदूरों, किसानों, और आदिवासियों के अधिकारों की लड़ाई लड़ते रहे. विधायकों ने कहा कि आज जब राजनीति में नैतिकता और सादगी कम होती जा रही है. ऐसे समय में एके राय जैसे नेताओं की सोच और जीवनशैली एक प्रेरणा है. उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को एके राय जैसे नेताओं के विचारों से जुड़ने की जरूरत है ताकि लोकतंत्र की बुनियादी भावना मजबूत हो सके.

 

 

गौरतलब है कि एके राय का निधन 21 जुलाई 2019 को केंद्रीय अस्पताल में हुआ था. वे न सिर्फ एक जननेता थे, बल्कि भारतीय राजनीति में सादगी और सिद्धांत की मिसाल भी बने रहे.

 

 

एके राय ने सांसद रहते हुए कभी पेंशन नहीं ली, न उन्होंने सरकारी बंगला लिया और न ही कोई गाड़ी और सुरक्षा ली. हमेशा आम आदमी की तरह रहे और स्वदेशी वस्तुओं को ही अपनाया. उनका जीवन मजदूरों, किसानों और आदिवासियों के अधिकारों की लड़ाई में समर्पित रहा.

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